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500, 1000 के नोट बंद करने से देश में एक सुनामी: फारूक

Wed, 16 Nov 2016 09:18 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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FAROOK ABDULLAH - फोटो : File Photo
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नेकां के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला ने एक पार्टी मीटिंग बुलाई, जिसमें पार्टी के सीनियर नेताओं समेत कई अन्य लोगों ने भाग लिया। इस दौरान मौजूद सरकार की नाकामी और बार्डर पर तनाव जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई। पार्टी कन्वेंशन के दौरान डा. अब्दुल्ला ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर निशाना साधते हुए कहा कि जो वह विकास के बड़े दावे कर रही हैं, सब खोखले हैं।
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राज्य में सभी विकास कार्य रुके पड़े हैं।उन्होंने कहा कि महबूबा अपने और उनके पिता द्वारा पूरा किया कोई  प्रोजेक्ट बताएं। डा. फारूक ने कहा कि केवल स्कूटी बांटने से विकास नहीं होता। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि मैं तो उस समय को याद कर परेशान होता हूं कि जब महबूबा को आरएसएस का समर्थन नहीं होगा, वह न यहां की रहेंगी, न वहां की, क्योंकि आज वह उनके सहयोग के चलते फैसले ले रही हैं।

जम्मू कश्मीर के बार्डरों पर बढ़ रहे तनाव पर चिंता व्यक्त करते हुए डा. अब्दुल्ला ने कहा कि देश में आने वाले चुनावों के चलते यह सब तनाव बढ़ रहा है। दोनों देशों के बीच गोलाबारी में आखिर दोनों ओर के गरीब कश्मीरी ही मर रहे हैं। 
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पीएम मोदी पर जमकर बोला हमला

‌रियासत के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला - फोटो : File Photo
डॉ. फारूक अब्दुल्ला कहा कि अगर दोनों देशों के बीच तनाव कम करना है तो उसके लिए एकमात्र तरीका बातचीत है। राज्य में तनाव को कम करने के लिए सभी हितधारकों से बातचीत जरूरी है। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए डा. अब्दुल्ला ने काले धन पर कहा कि प्रधानमंत्री ने देश से काला धन हटाने के लिए यह कदम उठाया, लेकिन उससे पहले उन्होंने गरीबों का कुछ नहीं सोचा।

गरीब जनता घंटों लंबी कतारों में बैंकों के बाहर लग रही है और कई बार उन्हें पैसा खत्म होने पर निराश लौटना पड़ रहा है। उन्हें चाहिए था कि कोई फैसला लेने से पहले पूरे प्रावधान रखने, ताकि कोई परेशानी न हो। डा. फारूक  के अनुसार यह तो एक देश में सुनामी की तरह है, जिसका आने वाले चुनावों में बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
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'घाटी का तूफान थमने वाला नहीं'

‌रियासत के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला - फोटो : FILE PHOTO
आरएसएस के मोहन भगवत के बयान पर डा. फारूक ने कहा कि हिंदुस्तान संविधानिक तौर पर एक धर्मनिरपेक्ष देश है, हिंदू राष्ट्र नहीं और अगर कोई इसे हिंदू राष्ट्र बोल रहा है तो वह संविधान का निरादर कर रहा है, जिसको लेकर केंद्र सरकार को ऐसे शख्स के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

रक्षा मंत्री मनोहर परिकर के बयान पर उन्होंने कहा कि 50 फीसदी छूट मिलने के चलते बच्चे परीक्षा दे रहे हैं और अगर रक्षा मंत्री को लगता है कि परीक्षाओं के साथ करंसी चेंज से घाटी में उठा तूफान थम जाएगा तो वह गलत सोच रहे हैं। डा. फारूक के अनुसार घाटी का तूफान थमने वाला नहीं, दोबारा उठेगा।

इसके अलावा उन्होंने यशवंत सिन्हा के कश्मीर दौरे की सराहाना करते हुए कहा कि उन्होंने आखिर बातचीत के जरिये हल निकालने की कोशिश की। 
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