रविवार को मौसम खुलने से भारी बर्फबारी और बारिश से दो दिन से अस्त-व्यस्त जनजीवन रविवार को पटरी पर लौटती दिखी। श्रीनगर में हवाई सेवाएं बहाल हो गईं।
जम्मू-श्रीनगर हाईवे भी आंशिक रूप से बहाल किया गया। एक हजार से अधिक फंसे वाहनों को निकाला गया। दो दिनों से देश-दुनिया से कटी घाटी हवाई सेवा बहाल होने से जुड़ गई। मौसम विभाग के अनुसार रियासत में 14 जनवरी तक मौसम साफ रहेगा। हालांकि, सोमवार को ऊंचे पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।
श्रीनगर एयरपोर्ट के अधिकारी ने बताया कि दो दिनों बाद रविवार को हवाई सेवा बहाल हो गईं। जम्मू-श्रीनगर हाईवे को भी बर्फ तथा मलबे हटाकर आंशिक रूप से यातायात के लिए चालू कर दिया गया है। नए वाहनों को जाने की अनुमति नहीं दी गई, बल्कि फंसे हुए वाहनों को ही निकाला गया। ट्रैफिक विभाग के अनुसार शाम सात बजे तक रामबन तथा बनिहाल सेक्टर में फंसे 1082 वाहनों को श्रीनगर के लिए छोड़ा गया।
इनमें 337 छोटे वाहन, 684 ट्रक, 56 टैंकर तथा पांच बस हैं। शाम साढ़े चार बजे के बाद काजीगुंड से 132 वाहनों को जम्मू के लिए छोड़ा गया। यातायात पुलिस के अनुसार सोमवार को एक बार फिर से मौसम की स्थिति को देखते हुए यातायात बहाल करने या न करने का फैसला लिया जाएगा। अब भी नगरोटा, जम्मू में सैकड़ों वाहनों को रोका गया है।
रियासत के कुछ जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी
snowfall
- फोटो : PTI
बर्फबारी और बारिश के बाद शीतलहर बढ़ गई है। कारगिल में माइनस 11.2 न्यूनतम तापमान रहा और यह इलाका रियासत में सबसे ठंडा रहा। लेह में न्यूनतम तापमान माइनस 8.0, गुलमर्ग में माइनस 7.6 तक पहुंच गया है।
श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 0.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। जम्मू संभाग में भद्रवाह में न्यूनतम तापमान माइनस 1.1, बटोत में माइनस 0.3, बनिहाल में माइनस 0.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। जम्मू में न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
रियासत के कुछ जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान हिमस्खलन की चेतावनी चंडीगढ़ आधारित स्नो एंड एवलांच स्टडी एस्टिेवलिशमेंट की ओर से जारी की गई है। रविवार सायं पांच बजे से लेकर अगले 24 घंटों में बारामुला, कुपवाड़ा, बांदीपोरा, किश्तवाड़, राजोरी, डोडा, पुंछ और रियासी में हिमस्खलन की चेतावनी दी गई है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे हिमस्खलन की आशंका वाले इलाकों में न जाएं।