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Jammu News: मैदानों के टोल की कमाई से पहाड़ों पर होगी भरपाई

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टोल प्लाजा
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लागत निकाल चुके टोल नहीं होंगे बंद, इनके पैसे से जम्मू-कश्मीर समेत अन्य पहाड़ी राज्यों में फोरलेन-टनल बनाए जाएंगे
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राकेश शर्मा
जम्मू। देश भर में लागत पूरी कर चुके टोल प्लाजा अब कभी बंद नहीं होंगे। इनसे होने वाली कमाई को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) पहाड़ी राज्यों में फोरलेन सड़कों के विकास पर खर्च करेगा। इसके लिए एनएचएआई ने अप्रैल में शुरू हुए नए वित्त वर्ष का प्रारूप तैयार कर लिया है। पुरानी व्यवस्था में टोल की तय अवधि समाप्त होने के बाद वसूली बंद करने की सिफारिश की जाती थी। अब ऐसा नहीं होगा।
एनएचएआई इस समय जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में फोरलेन सड़कों का निर्माण कर रहा है। यहां बड़ी संख्या में फ्लाईओवर और टनल बनाए जा रहे हैं। इन सबके निर्माण की लागत अरबों में पहुंच रही है। पहाड़ी राज्यों में मैदानी इलाकों-पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मुकाबले भारी वाहनों का आवागमन कम है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर समेत तमाम पहाड़ी राज्यों में होने वाले खर्च की भरपाई भी दूसरे टोल प्लाजा से ही होगी।
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जम्मू-कश्मीर में लखनपुर से उधमपुर के मध्य फिलहाल निर्माण कार्य जारी है और यहां फोरलेन निर्माण तक टोल वसूली का मामला न्यायालय तक पहुंच चुका है। लेकिन नेशनल हाईवे पर बने अन्य टोल में तय फीस वाहन चालकों को अब पूरे जीवन भर चुकानी होगी। एनएचएआई के सीजीएम के अनुसार टोल प्लाजा की भूमिका राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में अहम रहने वाली है। टोल प्लाजा में बड़े बदलाव को लेकर एनएचएआई ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

1033 टोल प्लाजा से 62 हजार करोड़ की कमाई
जम्मू-कश्मीर के साथ ही देश भर में 1033 टोल प्लाजा हैं और इनसे 62 हजार करोड़ की कमाई एनएचएआई को 31 मार्च को खत्म हुए वित्त वर्ष के दौरान हुई है। इसका इस्तेमाल पहाड़ी राज्यों में नए बन रहे राष्ट्रीय राजमार्ग और काफी पहले तैयार किए जा चुके फोरलेन के रखरखाव में होगा। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग के विस्तार की गति बढ़ेगी।
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जम्मू-कश्मीर से 455 करोड़ की कमाई, हिमाचल और उत्तराखंड पिछड़े
पहाड़ी राज्य देश भर में टोल प्लाजा से हो रही कमाई का दस फीसदी भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल तीनों राज्यों में एनएचएआई के 23 टोल प्लाजा हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर में छह, हिमाचल में पांच और उत्तराखंड में 12 हैं। जम्मू-कश्मीर के टोल के सभी छह टोल प्लाजा से एनएचएआई को 455 करोड़ रुपये की कमाई हुई है। यह कमाई दूसरे पहाड़ी राज्य उत्तराखंड और हिमाचल दोनों से ज्यादा है। उत्तराखंड में दर्जन भर टोल प्लाजा के बावजूद कमाई का आंकड़ा 400 करोड़ रहा है। जबकि हिमाचल में महज साठ करोड़ की कमाई इस साल हो पाई है, जबकि इन तीनों राज्यों 50 हजार करोड़ से ज्यादा के काम एनएचएआई कर रहा है।
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