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जम्मू-कश्मीर: मैगजीन खाली होने का खुद संकेत देगी पिस्तौल, दोनों हाथों से इस्तेमाल करना होगा आसान

Sat, 07 Nov 2026 11:58 AM IST
Nikita Gupta अरुण कुमार, अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू-कश्मीर पुलिस अपने जवानों के लिए 15 राउंड की क्षमता वाली 2,000 आधुनिक 9 एमएम पिस्तौलें खरीदेगी। इन पिस्तौलों में मैगजीन खाली होने का संकेत देने स्लाइड लॉक होने और दोनों हाथों से इस्तेमाल करने जैसी खास खूबियां होंगी।
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जम्मू कश्मीर पुलिस - फोटो : एजेंसी
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों को नाै एमएम की नई पिस्तौलें मिलेगी। यह आधुनिक तकनीकी खूबियों से लैस होंगी। इनकी खासियत होगी कि मैगजीन खाली होने का खुद संकेत देगी और स्लाइड अपने आप लॉक हो जाएगी।

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इसके अलावा इसकी ग्रिप इस तरह की होगी कि दाएं और बाएं हाथ से इस्तेमाल करने वाले जवानों को पकड़ने में आसानी हो। पिस्तौल में लोडेड चैंबर इंडिकेटर ही गोली होने की जानकारी देगा। इसमें बाहरी और आंतरिक, दोनों तरह की सुरक्षा व्यवस्था निर्धारित की है। पिस्तौल के निचले हिस्से में पिकाटिनी रेल होगी जिस पर जरूरत के अनुसार टैक्टिकल लाइट और लेजर उपकरण भी लगाए जा सकेंगे। पिस्तौल की बॉडी मजबूत पॉलिमर या कंपोजिट सामग्री से तैयार होगी। इसे खोलने और साफ करने के लिए विशेष औजार की जरूरत नहीं होगी। फील्ड में भी इसकी सफाई और रखरखाव हो सकेगा। नई पिस्तौलों में कम से कम 15 राउंड क्षमता वाली मैगजीन होगी।

पांच मिनट के भीतर 100 राउंड चलाने की सुविधा भी रहेगी। पुलिस अपने जवानों को एक सप्ताह का प्रशिक्षण भी देगी। इसमें सुरक्षित इस्तेमाल, रखरखाव, छोटी खराबियों की पहचान और उन्हें ठीक करने की जानकारी होगी। यह प्रशिक्षण पीटीटीआई विजयपुर या जम्मू-कश्मीर में तय किसी अन्य स्थान पर दिया जाएगा।
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आवाज कम करने के लिए खरीदे जाएंगे 200 साउंड सप्रेसर
दो हजार पिस्तौलों के साथ 200 साउंड सप्रेसर भी खरीदे जाएंगे। साउंड सप्रेसर पिस्तौल की नली के आगे लगाया जाने वाला उपकरण है, जो फायरिंग के दौरान निकलने वाली आवाज को कम करता है। यह 9×19 एमएम कैलिबर के होंगे और इनकी ध्वनि कम करने की क्षमता कम से कम 20 डेसिबल होगी। हालांकि इससे गोली चलने की आवाज पूरी तरह खत्म नहीं होती, बल्कि उसका स्तर कम होता है।

15 साल तक इस्तेमाल के लिए तैयार होगी पिस्तौल
खरीदी जाने वाली पिस्तौलों की न्यूनतम सर्विस लाइफ 15 साल होगी। वहीं, इसके बैरल की क्षमता कम से कम 20 हजार राउंड फायरिंग की होगी। आपूर्ति के बाद पिस्तौलों पर दो साल की वारंटी भी मिलेगी। खास बात यह है कि वारंटी खत्म होने के बाद भी संबंधित कंपनी को सात साल तक मरम्मत, रखरखाव और तकनीकी सहायता उपलब्ध करवानी होगी। इसके लिए जरूरी स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता और उनकी कीमतें भी सात साल तक तय रखनी होंगी।
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