बांदीपोरा। बांदीपोरा प्रशासन जहां भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (एबीपी) के तहत उत्तरी क्षेत्र में दूसरा स्थान प्राप्त करने का जश्न मना रहा है, वहीं तुलेल ब्लॉक (इस कार्यक्रम का मुख्य क्षेत्र) के लोगों ने विकास के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार का प्रगति का चित्रण भ्रामक है और यह उनकी कठिनाइयों को नहीं दर्शाता। तुलेल तहसील के निवासी अब्दुल मजीद ने कहा, “हमें अब भी बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं, अच्छी सड़कें और पर्याप्त बिजली नहीं मिलती।” उन्होंने बताया कि आपात स्थिति में लोगों को परिवहन और चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में मीलों पैदल चलना पड़ता है।
बांदीपोरा जिला प्रशासन ने पहले दावा किया था कि तुलेल में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिसके चलते जिले को एबीपी में दूसरा स्थान मिला और इसे 2.5 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन कोष प्राप्त हुआ। लेकिन यहां के निवासियों का कहना है कि ऐसा विकास केवल कागजों पर है। एक अन्य ग्रामीण ने कहा, हमारे लिए कुछ भी नहीं बदला है। रिपोर्ट में आंकड़े भरे जा सकते हैं, लेकिन हमारी जमीनी हकीकत आज भी बदतर है। जबकि प्रशासन इस पुरस्कार कोष का उपयोग करने की योजना बना रहा है। तुलेल के लोगों का कहना है कि रैंकिंग का जश्न मनाने से पहले उनकी लंबे समय से चली आ रही जरूरतों को पूरा किया जाए। संवाद