रियासत में बुधवार से नई ड्रग पालिसी लागू हो गई। अब मरीजों को सरकारी चिकित्सा केंद्रों पर ही नि:शुल्क दवाइयां मिलना शुरू हो गईं हैं। हालांकि पहले दिन कई केंद्रों पर असमंजस की स्थिति रही।
कुछ अधिकारियों ने नाम न छापने पर बताया कि दवाओं की मात्रा में कुछ बढ़ोतरी हुई है, मगर पूरी सप्लाई आने में अभी थोड़ा समय लगेगा। विभागीय अधिकारियों ने दावा किया कि लगभग केंद्रों पर संबंधित दवाइयों की खेप पहुंचाई गई है।
स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. बलजीत सिंह पठानिया का कहना है कि ड्रग पालिसी को लागू कर दिया गया है। सब सेंटर और जिला अस्पतालों में दवाइयां पहुंचाई गई हैं और किसी भी दवाई की कमी पर तुरंत सूचित करने को कहा गया है। जेएंडके मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन के एमडी डा. यशपाल शर्मा का कहना है कि चार माह की सप्लाई भेजी गई है और अगली एक साल की सप्लाई के लिए टेंडर प्रक्रिया की जा रही है।
पॉलिसी के तहत 68 किस्म के जरूरी साल्ट की दवाइयां मुहैया करवाई जाएंगी
ड्रग पालिसी के तहत जिला अस्पताल/कम्युनिटी हेल्थ सेंटर/उपजिला अस्पताल, सब सेंटर और पीएचसी स्तर पर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को नि:शुल्क दवाइयां मुहैया करवाई जानी हैं। पालिसी के तहत सब सेंटर पर 23, प्राइमरी हेल्थ सेंटर पर 53, उपजिला अस्पताल/कम्युनिटी हेल्थ सेंटर/जिला अस्पतालों में 68 किस्म के जरूरी साल्ट की दवाइयां मुहैया करवाई जाएंगी।
इनमें उल्टी, दस्त, बुखार सहित अन्य संक्रमित बीमारियों की दवाएं शामिल हैं। गांधीनगर अस्पताल के अधीक्षक डा. यूनुस चौधरी का कहना है कि मरीजों को पहले ही दवाइयां मुहैया करवाई जा रही हैं, लेकिन पालिसी के लागू होने से उसमें बढ़ोतरी हुई है।
डाक्टरों को भी अस्पतालों में उपलब्ध दवाओं के साल्ट मरीजों को लिखने के लिए कहा गया है। हालांकि पिछले कुछ समय पर नजर दौड़ाई जाए तो अधिकांश केंद्रों पर दवाओं की भारी किल्लत रही है। खुद स्वास्थ्य मंत्री भी इसे मान चुके हैं, लेकिन कारपोरेशन के सक्रिय होने के बाद दवाओं की सप्लाई को नियमित बनाने के दावे किए गए हैं।