श्रीनगर। कश्मीर में झील संरक्षण प्रयासों के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, एमवाई तारिगामी के नेतृत्व में पर्यावरण संबंधी विधायी समिति ने चल रहे पारिस्थितिक संरक्षण उपायों का आकलन करने के लिए निगीन झील का दौरा किया।
निगीन झील संरक्षण संगठन (एनएलसीओ) के अध्यक्ष के रूप में प्रतिनिधिमंडल के साथ आए मंज़ूर अहमद वांगनू ने समिति का स्वागत किया और उन्हें झील का भ्रमण कराया। इस दौरे ने निगीन झील की सुव्यवस्थित स्थिति को दर्शाया, जो प्लास्टिक और ठोस कचरे से काफी हद तक मुक्त है, जो एलसीएमए और समर्पित हितधारकों के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। वांगनू ने समिति के समय और चिंता के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब कानून तटरेखाओं पर चलता है तो बदलाव दूर नहीं होता। इस महत्वपूर्ण दौरे के लिए आभारी हूँ। उन्होंने निगीन झील की सुरक्षा में उनके अटूट समर्थन के लिए प्रशासन और एलसीएमए की भी सराहना की। दौरे के दौरान, एक हितधारक ने उमर कॉलोनी की तरफ से लिली वीड को हटाने का प्रस्ताव रखा। वांगनू ने कड़ी आपत्ति जताते हुए बताया कि ये जलीय पौधे प्राकृतिक रूप से प्रदूषकों को अवशोषित करने और अपशिष्ट प्रवाह को फ़िल्टर करने में महत्वपूर्ण पारिस्थितिक भूमिका निभाते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इन्हें जल्दबाज़ी में हटाने से गंभीर पारिस्थितिक परिणाम हो सकते हैं।