भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को झटका देते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य एहतिसाब आयोग को उसके अधिकार सौंप दिए।
हाईकोर्ट के जस्टिस मुजफ्फर हुसैन अतर और जस्टिस बीएस वालिया की खंडपीठ ने महत्वपूर्ण फैसले में रिट कोर्ट के पूर्व में दिए फैसले को बदलते हुए रियासत की उच्चतम भ्रष्टाचार विरोधी संस्था को स्वत: प्रेरित अधिकार बहाल कर दिए।
40 पेज के ऐतिहासिक फैसले में जस्टिस मुजफ्फर हुसैन अतर ने खंडपीठ की ओर से फैसला लिखते हुए राज्य एहतिसाब आयोग की अपील को स्वीकार कर लिया और उस रिट याचिका को खारिज कर दिया।
जिसे रिट कोर्ट की ओर से अनुमति मिली थी। सोमवार को जस्टिस बीएल भट ने ओपन कोर्ट में खंडपीठ की ओर से फैसले के मुख्य हिस्से को पढ़कर सुनाया।