जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने हुर्रियत नेताओं की फंडिंग के मामले की जांच के लिए एनआईए को बधाई दी है। साथ ही, एनआईए को सलाह दी कि वे इस बात की भी जांच करे कि कहीं भारत सरकार ने भी तो हुर्रियत को फंड नहीं दिया। बीते दिन भी फारूक ने कहा था कि मैं नाम नहीं लूंगा लेकिन हुर्रियत को भारत सरकार की ओर से भी पैसे दिए गए थे, इस बारे में आप दुल्लत (रॉ के पूर्व चीफ) की किताब पढ़ें। आज भारत इसी के परिणाम भुगत रहा है।
I congratulate NIA for its probe on funding of Hurriyat leaders,should also be investigated if Indian Govt funded Hurriyat: Farooq Abdullah pic.twitter.com/j411nxKx6m— ANI (@ANI_news) July 25, 2017
इस दौरान फारूक ने आतंकवाद को खत्म करने के लिए भी भारत पाकिस्तान के बीच आपसी बातचीत की कोशिश को करने पर जोर दिया है। फारूक ने कहा कि आतंकवाद तब तक खत्म नहीं हो सकेगा जब तक कि भारत और पाक के बीच बातचीत के रास्ते न खोले जाएं।
फारूक अब्दुल्ला का बयान उस वक्त आया है जब कि एनआईए के द्वारा कश्मीर से 6 अलगाववादी नेताओं को हिरासत में लिया गया है। इन सभी लोगों के अलावा अलगाववादी बिट्टा कराटे को भी दिल्ली से हिरासत में लिया गया है। कश्मीर से हिरासत में लिए गए सभी अलगाववादी दिल्ली लाए जा रहे हैं।