फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिंसा से दुखी महबूबा मुफ्ती बोली- पता नहीं अगला चुनाव लड़ भी पाऊंगी या नहीं

Wed, 07 Sep 2016 01:07 AM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
विज्ञापन
लोगों को संबोधित करतीं महबूबा मुफ्ती - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि वे इन दिनों कठिन परिस्थितियों से जूझ रहीं हैं। उन्हें समय दिया जाना चाहिए। वे अगले चुनाव के लिए काम नहीं कर रहीं हैं, बल्कि मुफ्ती मोहम्मद सईद के सपनों को पूरा करना चाहती हैं। वे नहीं जानती कि अगला चुनाव लड़ भी पाएंगी या नहीं। मुख्यमंत्री मंगलवार को कश्मीर में उजाला योजना के शुभारंभ के मौके पर बोल रहीं थीं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि एनकाउंटर पहले भी होते रहे हैं। हमारे समय में क्या गलत हो गया। एक एनकाउंटर हुआ और कश्मीर दो महीने से बंद है। वे जब से सत्ता में आई हैं तभी से सुन रहीं हैं कि कुछ हो सकता है।

कश्मीरी पंडित तथा सैनिक कालोनी का मुद्दा उठाया गया। यह कहा गया कि कुछ गलत होने जा रहा है और इन सब बातों की याद तब आई जब पर्यटन सीजन पीक पर था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि युवाओं का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। उन्हें इस्तेमाल किया जा रहा है। चेताया कि युवाओं को इस्तेमाल करना बंद किया जाए। इसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन

 

सत्ता की खातिर नहीं हुआ पीडीपी का गठन

सीएम महबूबा मुफ्ती - फोटो : Amar Ujala
उन्होंने कहा कि वे इन युवाओं को तब से जानती हैं जब वे बच्चे थे। उस समय आरोप लगता था कि वे आतंकियों से मिली हुईं हैं। मुफ्ती मोहम्मद सईद ने इस पार्टी का गठन सत्ता की खातिर नहीं किया था। वे देश के गृह मंत्री थे। उनका नजरिया था कि बातचीत की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए। जम्मू-कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच ब्रिज बने।

तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह से मुफ्ती ने कहा था कि कश्मीर समस्या का समाधान किया जाना चाहिए क्योंकि विकास मुख्य मुद्दा नहीं है। संविधान में प्रदत्त अनुच्छेद 370 को आज बातचीत में बाधा बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज भारत के पास मजबूत प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष के नाते उन्हें पत्र लिखा कि कश्मीर में रोज लोग मर रहे हैं। इसे बंद किया जाना चाहिए।

मुफ्ती ने भी सीएम अपने पहले भाषण में पाकिस्तान के साथ बातचीत की वकालत की थी। चूंकि भारत और पाकिस्तान के बीच अच्छे संबंध नहीं हैं। इस वजह से कश्मीरियों को ऐसे हालात का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वे तथा उनकी सरकार प्रयास कर रहे हैं। 
विज्ञापन

जिन्हें स्कूल में होना चाहिए उनके हाथ में पत्थर है 

सीएम महबूबा मुफ्ती के साथ डिप्टी सीएम - फोटो : Amar Ujala
महबूबा ने कहा कि आज हालात इतने बदल गए हैं जो बच्चे स्कूल में होने चाहिए उनके हाथों में पत्थर हैं। उन्हें ढाल बनाया जा रहा है, लेकिन, वे जब तक जिंदा हैं तब तक इस मुद्दे पर बात करती रहेंगी।

वे कश्मीर समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत हैं। पाकिस्तान से आने वाले आतंकियों को जेल भेजा जाएगा। कहा कि वे हताश नहीं हैं। यह समय भी गुजर जाएगा, लेकिन, जख्म रह जाएंगे। एक दिन लोगों को महसूस होगा कि वे क्या कह रहीं थीं। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें