राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन उपलब्ध कराने में सामान्य जनता के बैंक खातों के इस्तेमाल की जांच शुरू कर दी है।
भारतीय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ से बचने के लिए आतंकवादी संगठनों और उनसे सहानुभूति रखने वालों ने धन उपलब्ध कराने के लिए हवाला चैनल अपनाने की बजाय खाड़ी के देशों में आने वाले कश्मीरी लोगों से उनके खाते के इस्तेमाल का अनुरोध कर रहे हैं।
आम कश्मीरी जनता का पूरी तरह से दिमाग बदलने के बाद उनके बैंक खाते में पैसा जमा किया जाता है, जिसे बाद आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके बदले उक्त व्यक्ति के खाते में कुल प्राप्त राशि का एक फीसदी छोड़ दिया जाता है।