कबाइलियों के हमले में क्षतिग्रस्त हो गया था मोहरा हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट
उत्तरी कश्मीर के उड़ी में झेलम नदी के किनारे करीब 121 वर्ष पहले मोहरा हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट स्थापित हुआ था। लकड़ी से बनी नहर पर बना यह प्रोजेक्ट कबाइलियों के हमले में क्षतिग्रस्त हो गया था। सरकार इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट को फिर से शुरू करने जा रही है। आईआईटी रुढ़की की टीम इसकी तकनीकी संरचना में कुछ बदलाव करेगी ताकि प्रोजेक्ट से लंबे समय तक बिजली उत्पादन निर्बाध हो सके।
भद्रवाह और कठुआ के क्षतिग्रस्त हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू किया जाएगा। इसके लिए जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। जो भी कंपनी निर्माण के लिए आगे आएगी वह वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार काम करेगी। -राहुल यादव, प्रबंध निदेशक, जम्मू-कश्मीर विद्युत विकास निगम