संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने के मामले में आरोपी को बरी करने का आदेश दिया है। कोर्ट के अनुसार न तो खुद शिकायतकर्ता जोकि दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुआ था और न ही अन्य गवाहों ने यह पुष्टि की है कि आरोपी दुर्घटना के वक्त वाहन लापरवाही और तेज गति से चला रहा था। लिहाजा अभियोजन पक्ष का चालान खारिज किया जाता है और अभियुक्त को वर्तमान मामले में उसपर लगाए गए सभी आरोपों से बरी किया जाता है।
पुलिस की ओर से दायर चार्जशीट के अनुसार आरोपी सुदेश कुमार पुत्र मखली राम निवासी कल्लर उधमपुर ने 8 जून 2021 लखनपुर स्थित अपना ट्रक को तेज रफ्तार और लापरवाही से चला रहा था। जिसके चलते आरोपी अपने वाहन को नियंत्रित नहीं कर सका और ट्रक के आगे चल रही स्कूटी को टक्कर मार दी। इसमें स्कूटी सवार शिकायतकर्ता (पीड़ित) गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिसके पश्चात लखनपुर थाना में आरोपी के खिलाफ लापरवाही और तेज गति से ट्रक चालने के आरोप में आईपीसी की धारा 279, 337 और 338 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले में 24 दिसंबर 2024 को अंतिम सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने आरोपी को दोषमुक्त करार दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से सभी चश्मदीद गवाहों में से तीन को कोर्ट के समक्ष पेश किया। जिसमें खुद पीड़ित ने भी आरोपी को ट्रक चलाते हुए नहीं देखा था कि वह (आरोपी) लापरवाही से वाहन चला रहा था। जबकि अन्य गवाहों ने भी आरोपी की लापरवाही से ट्रक चलाने की पुष्टि नहीं की हैं। जिससे आरोपी की दोष सिद्ध नहीं होता है। लिहाजा अभियोजन पक्ष के चालान को ही खारिज किया जाता है। इसके अलावा आरोपी के जमानत बांड तथा व्यक्तिगत बांड को भी निरस्त करने का आदेश दिया जाता है।