पूर्व मुख्यमंत्री तथा नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि हाल के दौरे से सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को कुछ हासिल नहीं हुआ। साथ ही उनके पास स्थिति पर नियंत्रण करने का कोई उपाय भी नहीं था।
दिल्ली में दो दिवसीय दौरे के परिणामों पर मंथन के लिए हुई सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की बैठक की समाप्ति पर ट्वीट कर कहा कि यदि प्रतिनिधिमंडल को केवल घाटी में शांति की अपील ही करनी थी तो यह बिना दौरे के भी हो सकता था। इसमें समय तथा पैसा व्यर्थ करने की क्या जरूरत थी।
75 लोगों की मौत हो चुकी है और 1000 से ज्यादा घायल हुए हैं, लेकिन हालात को काबू में करने के लिए सेंस आफ अर्जेंसी नहीं है। केवल इतना बयान जारी किया गया कि लोग हिंसा का मार्ग त्यागें और बातचीत से सभी मुद्दों का समाधान करें।
इससे पूर्व उमर ने कहा कि महबूबा मुफ्ती को घाटी की वर्तमान स्थिति की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। यह समय है कि महबूबा दोषारोपण बंद कर स्थिति की जिम्मेदारी लें। वह मंगलवार को महबूबा की ओर से अलगाववादियों को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने पर प्रतिक्रिया दे रहे थे।