कश्मीर में हिंसा बुधवार को भी जारी रही। कई स्थानों पर सुरक्षा बलों पर पथराव के बाद आंसू गैस के गोले दागे गए।
पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया। एक स्कूल की इमारत में आग लग गई। हिंसक झड़पों में 70 से अधिक लोग घायल हो गए हैं।
कुलगाम के मिरहामा गांव में स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में लोग रैली कर रहे थे। सुरक्षा बलों की ओर से लोगों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले चलाए गए। हिंसा के दौरान स्कूल की इमारत में आग लग गई। इस दौरान वहां खड़ी स्कूल की एंबुलेंस भी जल गई।
दो घायलों की हालत गंभीर, श्रीनगर रेफर
घाटी में हिंसा
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पुलवामा के मुरन इलाके में सुरक्षा बलों पर पथराव किया गया। यहां सुरक्षा बलों ने मुरन चलो मार्च को नाकाम किया तो भीड़ भड़क उठी और पथराव शुरू कर दिया।
भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए और पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया। यहां 30 से अधिक लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से दो घायलों को इलाज के लिए श्रीनगर भेजा गया है।
उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के दर्दसुन गांव में झड़प में आठ लोग घायल हो गए। इनमें तीन को श्रीनगर अस्पताल भेजा गया है।
पूरी घाटी से कर्फ्यू हटा
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बिजबिहाड़ा में रैली में जाने से रोकने पर हुई झड़प में छह लोग घायल हो गए। कुलगाम में रैली करने से मना करने पर सुरक्षा बलों पर पथराव किया गया। यहां आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इसमें 12 लोग घायल हो गए। शोपियां के कुमुदलान में देश विरोधी रैली को नाकाम बनाया गया। गांदरबल में हुई हिंसक झड़प में महिला समेत तीन लोग घायल हो गए।
उधर, पूरी घाटी से कर्फ्यू हटा लिया गया है, लेकिन लोगों के एकत्र होने पर रोक है। हालांकि, अलगाववादियों के बंद के आह्वान की वजह से दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान, पेट्रोल पंप बंद रहे। सार्वजनिक वाहन भी सड़कों से नदारद रहे।
प्राइवेट वाहन सड़कों पर दिखे। उधर, ईद-उल-अजहा को देखते हुए बंद में छूट के दौरान लाल चौक तथा आस पास के इलाकों की दुकानें खुल रही हैं जहां लोगों की भारी भीड़ देखी जा रही है।