श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस में विवाद तब खड़ा हो गया जब पहले बैच में एमबीबीएस के 50 दाखिलों में से 42 एक ही समुदाय (मुस्लिम) के छात्रों के हुए। इससे हिंदू संगठन भड़क गए। उन्होंने हिंदू छात्रों के साथ अन्याय का आरोप लगाया। कहा कि जब यह कॉलेज हिंदू भक्तों के चढ़ावे से बना है, तो इसमें किसी विशेष समुदाय के छात्रों के लिए सीटें आरक्षित नहीं होनी चाहिए।
वहीं, कॉलेज प्रशासन और नेशनल कांफ्रेंस के नेताओं ने धार्मिक आधार पर हिंदू छात्रों के साथ किसी भी तरह के भेदभाव को नकारते हुए इसे मेरिट के आधार पर चयन बताया। पुंछ में 26 नवंबर को एक सभा में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शिक्षण संस्थानों को भी सांप्रदायिक रंग में रंगे जाने संबंधी बयान दिया, जिसने आग में घी का काम किया।
जम्मू के तमाम संगठन इसे हिंदुओं के साथ अन्याय बताते हुए एकजुट हो गए और उन्होंने श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति का गठन कर रणनीति के तहत धरने-प्रदर्शन का सिलसिला शुरू कर दिया। 27 नवंबर को जम्मू के साथ ही उधमपुर में रैली निकालकर इस अन्याय का विरोध किया गया। इसमें हिंदू संगठनों के साथ ही तमाम व्यापारी संगठन, छात्र संगठन, राजनीतिक संगठन शामिल हुए।
इसके बाद समिति ने लगातार जम्मू में अलग-अलग जगहों पर रैली, धरना-प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखते हुए दबाव बनाने का काम किया। इतना ही नहीं, श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस में सीट आवंटन के खिलाफ उन्होंने राजभवन का घेराव भी किया।
इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी मुखर रही। स्थानीय नेताओं ने इस संबंध में शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की। गृह मंत्री अमित शाह समेत अन्य नेताओं को जम्मू की जनता की भावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी तरह का अन्याय जम्मू के छात्रों के साथ नहीं होने दिया जाएगा।
मंगलवार को भी संघर्ष समिति के लगातार चल रहे विरोध प्रदर्शन के क्रम में इसकी युवा विंग ने सचिवालय पर धरना दिया और अनियमितताओं को दूर करते हुए हिंदू छात्रों को न्याय दिए जाने की मांग की। चौतरफा दबाव पड़ते देख केंद्र की ओर से कॉलेज की मान्यता रद्द किए जाने की अटकलें लगते देख दोपहर बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के भी सुर बदल गए।
उन्होंने एक कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत में प्रतिभावान छात्रों को निशाना बनाए जाने पर विरोध जताते हुए कॉलेज बंद करने और यहां से छात्रों को दूसरे कॉलेजों में भेजने की बात उठाई। देर रात आखिरकार इस संबंध में फैसला जारी कर दिया गया।