बोले श्रद्धालु जैसा सोचे थे वैसा कुछ भी नहीं
घर से निकलने से पहले हाल की घटनाओं को लेकर मन में डर था, लेकिन भोले का नाम लेकर यात्रा पर निकल पड़े। प्रशासनिक सुरक्षा के बीच बाबा बर्फानी के दर्शन करने के बाद पता चला कि जैसा सोच रहे थे, वैसा यहां कुछ भी नहीं था।
विनोद सिंह, गोंडा (उत्तर प्रदेश)
प्रशासन की मदद से सुगमता से यात्रा पूर्ण
पिछले तीन साल से लगातार बाबा बर्फानी के दर्शन करने आ रहा हूं। पहले की अपेक्षा इस साल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है। उनकी मदद से दर्शन आसानी से हो सके, इसके लिए हम प्रशासन के आभारी हैं।
दुराई स्वामी कृष्णा गिरि, तमिलनाडु
इस साल हर तरह से मिल रहा था सहयोग
आठ साल से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आता हूं। भारतीय सेना का विशेष धन्यवाद करना चाहूंगा, जिनकी बदौलत यात्रा सुगमता से पूरी हुई। मौसम ने थोड़ा करवट बदली, लेकिन सेना और प्रशासन हर संभव मदद कर रहे थे।
मेश यादव, बहराइच (उत्तर प्रदेश)
स्थानीय लोग भी कर रहे थे यात्रियों की मदद
दूसरी बार दर्शन करने आया हूं। पिछली बार बालटाल मार्ग से गया था, लेकिन हाल की घटनाओं को देखते हुए इस बार पहलगाम मार्ग चुना। प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय लोग भी हर संभव सहायता करते नजर आए।
अंकन दत्त, पूर्व मेदिनीपुर (पश्चिम बंगाल)