जम्मू। सरकार भले ही कोविड सैंपल के कुछ ही घंटे में रिपोर्ट देने के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके विपरीत हैं। रैपिड एंटीजन टेस्टिंग शुरू होने के बावजूद आरटी-पीसीआर कोविड टेस्ट रिपोर्ट 4-5 या इससे अधिक दिन बाद मिल रही है। जबकि यह रिपोर्ट 4 से 8 घंटों के बीच आ जानी चाहिए। रिपोर्ट में देरी के कारण अस्पतालों और प्रशासनिक क्वारंटीन केंद्रों में फंसे लोगों की दिक्कतें बढ़ी हैं। रिपोर्ट के लिए स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों के चक्कर काटकर लोगों के पसीने छूट रहे हैं।
रैपिड और आरटी-पीसीआर सैंपलिंग रिपोर्ट में लोगों की यह शिकायतें बढ़ी हैं कि उन्हें मैसेज के माध्यम से कोई रिपोर्ट नहीं मिल रही है। विभागीय कार्यालयों में पहुंचकर भी उनका सही मार्गदर्शन नहीं किया जा रहा है। खासतौर पर जो लोग प्रवासी हैं और यहां विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, उनके लिए मुश्किलें बढ़ी हैं। ऐसे लोगों को संबंधित संस्थानों में सेवाएं शुरू करने से पहले औपचारिक रिपोर्ट दिखानी पड़ती है। लेकिन कई-कई दिन तक रिपोर्ट न मिलने के कारण उन्हें निगेटिव होने के बावजूद मजबूरन क्वारंटीन में रहना पड़ रहा है।
आटोमैटिक मशीन फिर भी लग रही देरी
जीएमसी की मुख्य लैब में भी ऐसे ही हालात हैं। रैपिड एंटीजन टेस्टिंग शुरू होने के बाद यहां टेस्ट में कमी आई है, लेकिन टेस्ट रिपोर्ट चार से पांच दिन बाद मिल रही है। जीएमसी में आटोमैटिक मशीन भी काम कर रही है, जिससे आरटीपीसीआर की रिपोर्ट 4 घंटे में आनी चाहिए। इस लैब में प्रतिदिन 2000 टेस्ट की क्षमता है, लेकिन मौजूदा समय में 1000 से 1400 टेस्ट ही हो रहे हैं। शहर के साथ लगते बत्रा अस्पताल में भी ऐसे कई मरीज भर्ती हैं जो हफ्ते से अधिक समय से अपनी आरटी पीसीआर रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। जीएमसी में राजोरी, किश्तवाड़, डोडा, जच्चा बच्चा अस्पताल गांधीनगर, जीएमसी आदि से आरटी पीसीआर सैंपल आ रहे हैं। हालांकि, जीएमसी में मरीजों के लिए जा रहे सैंपल की रिपोर्ट दूसरे ही दिन मिल रही है। रैपिड टेस्ट में भी लोगों की शिकायतें बढ़ी हैं कि टेस्ट के दौरान उन्हें रिपोर्ट के बारे में कोई सही जानकारी नहीं दी जा रही है। जिससे बाद में उन्हें अपनी रिपोर्ट लेने में दिक्कतें हो रही हैं। जिले में प्रतिदिन 4000-5000 रैपिड टेस्ट हो रहे हैं।
--------
सितंबर में जीएमसी में हुए टेस्ट
तारीख कोविड टेस्ट
1 सितंबर 750
2 सितंबर 938
3 सितंबर 516
4 सितंबर 1230
5 सितंबर 1286
6 सितंबर 1011
7 सितंबर 1400