कश्मीर में आतंकियों ने सरेआम तीन पुलिस कर्मियों को अगवा करने के बाद हत्या कर दी। इस घटना से पुलिस कर्मियों को सुरक्षा मुहैया कराने के दावे को बड़ा झटका लगा है। आतंकी लोगों के अंदर इस कदर खौफ पैदा कर देना चाहते हैं कि वह निकाय व पंचायत चुनाव की चालू प्रक्रिया से दूर हो जाएं। यही कारण है कि वह लगातार इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। 30 अगस्त को आतंकियों ने 10 पुलिस कर्मियों के परिजनों को दिनदहाड़े अगवा कर लिया था। हालांकि, बाद में इन्हें छोड़ दिया गया।
सुरक्षा कारणों से टल चुका है अनंतनाग लोकसभा चुनाव
इस घटना ने कश्मीर में चुनाव के लिए सुरक्षा बंदोबस्त की पोल खोल दी है। इससे पहले सुरक्षा कारणों की वजह से ही अनंतनाग की लोकसभा सीट का उपचुनाव 2016 से टल रहा है। आतंकी पिछले एक साल में 30 पुलिस कर्मियों की हत्या कर चुके हैं। आए दिन विशेष रूप से एसपीओ को नौकरी से इस्तीफा देने की धमकियों का सिलसिला जारी है।
पुलिस आतंक से बखूबी लड़ रही है
जम्मू कश्मीर पुलिस बहुत ही स्ट्रांग फोर्स है। रियासत आतंकवाद से लंबे समय से लड़ रही है। पुलिस आतंकवाद से बखूबी लड़ रही है। बाकी एसपीओ की हत्या और उनके इस्तीफे पर केंद्र की तरफ से बयान दिया गया है, वही सच है।
आर के गोयल, गृह सचिव, जेएंडके