संवेदनशील सीमांत इलाकों में घुसपैठ की संभावनाओं के बीच अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर हजारों सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने का निर्णय लिया गया है। करीब 20 हजार सुरक्षा कर्मी जम्मू जिले में तैनात रहेंगे, क्योंकि जम्मू जिले में अंतिम चरण में मतदान होगा, इसलिए सभी सुरक्षा एजेंसियों और सुरक्षाबलों का ध्यान और नजर यहीं पर होगी।
अरनिया के कठार में आतंकी हमले के बाद अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर अलर्ट है और लोगों में मतदान को लेकर डर और उत्साह दोनों हैं। किसी भी आतंकी घटना की संभावना के चलते सुरक्षा कड़ी की गई है। इस वर्ष पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का कई बार उल्लंघन कर रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया था। इसे लेकर भी सुरक्षा कड़ी की गई है।
पाकिस्तानी फायरिंग में 15 नागरिकों की जान चली गई और सौ लोग घायल हुए। इसे देखते हुए चुनाव आयोग ने इन क्षेत्रों में बनाए गए 1224 मतदान केंद्रों को संवेदन और अतिसंवेदनशील घोषित कर दिया है। यहां पर सुरक्षा कर्मियों की कड़ी तैनाती रहेगी।
इन मतदान केंद्रों पर अभी से तैनाती कर दी गई है, ताकि किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास बनाए गए मतदान केंद्रों पर चुनाव आयोग ने अधिक से अधिक सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश जारी किए हैं।
अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर आतंकी हमलों की आशंका के बीच सुरक्षा कर्मी तैनात किए हैं। अरनिया के कठार में आतंकी हमला होने के बाद मतदान केंद्रों की सुरक्षा करना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसलिए सुरक्षा का कड़ा पहरा लगाया गया है। एलओसी पर भी घुसपैठ की संभावनाओं को देखते हुए सुरक्षा को मजबूत कर दिया गया है।