घाटी में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के छोटे-छोटे ग्रुप सक्रिय हैं। यह ग्रुप उत्तरी कश्मीर, दक्षिणी कश्मीर और श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र में आतंकी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इन ग्रुप्स में दो से तीन या तीन से चार आतंकी हैं। सोपोर में जैश के ऑपरेशनल चीफ खालिद के मारे जाने से पहले उसे चार आतंकियों के साथ देखा गया था।
इसलिए वे चार आतंकी उत्तरी कश्मीर में अब भी सक्रिय हैं। इनके खिलाफ पुलिस ऑपरेशन चला रही है। घाटी में युवाओं की आतंकवादी संगठनों में भर्ती को सुरक्षा बल चिंता का विषय मान रही है। युवाओं की भर्ती पर रोक लगाने के लिए ही आतंकी कमांडरों को निशाना बनाया जा रहा है, क्योंकि भर्ती प्रक्रिया के पीछे इन्हीं कमांडरों का हाथ होता है।
आईजी मुनीर अहमद खान ने भी स्वीकार किया कि यह चिंता की बात है। इस वर्ष अब तक करीब एक दर्जन आतंकी कमांडरों को मार गिराया गया। पिछले कुछ समय से आतंकियों की संख्या में कमी देखने को मिली है, क्योंकि सुरक्षाबलों द्वारा कई ऑपरेशन सफलतापूर्वक अंजाम दिए गए हैं।
अलकायदा से जुड़े आतंकी जाकिर मूसा द्वारा हाल ही में लश्कर के घुसपैठ किए गए आतंकियों के नए ग्रुप के साथ हुई बैठक पर आईजी ने कहा कि इस पर भी जांच जारी है।