शोपियां जिले के सुगुहंडामा के सेब के बगीचे में मारे गए पांचो आतंकी पिछले वर्ष हुई सेब व्यापारियों की हत्या में शामिल थे। इसके अलावा ये सभी स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों को धमकाने के साथ स्थानीय युवाओं को आतंक की राह पर भी चलने के मजबूर करते थे। इनके सफाये से लोगों को राहत मिलेगी। यह बात ब्रिग्रेडियर अजय कटोच ने मुठभेड़ के बाद बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में दी।
ब्रिग्रेडियर कटोच ने बताया कि ये सभी आतंकी स्थानीय लोगों को काफी परेशान करते थे। इनका पुख्ता आपराधिक इतिहास रहा है। ये सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड फेंकने, सुरक्षा पिकेट पर हमला करने के अलावा पुलिस वालों के अपहरण की घटनाओं में भी शामिल थे। जम्मू-कशमीर पुलिस को रामबिहारा इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मंगलवार की आधी रात को मिली।
इसके बाद 44आरआर, एसओजी और सीआरपीएफ ने इलाके को घेर लिया। सभी आतंकी सेब के बगीचे में छिपे थे। सुबह साढ़े पांच ऑपरेशन शुरू हुआ जो लगभग सात घंटे बाद पूरा हुआ। पहला आतंकी 7 बजे मारा गया, इसके बाद लगभग 9.30 बजे दो आतंकियों ने भागने की कोशिश की परंतु मारे गए। अंतिम दो आतंकियों ने लगबग 12 बजे ग्रेनेड फेंकते हुए भागने की कोशिश की परंतु सुरक्षा बलों ने दोनों को मार गिराया।
पत्थरबाजों को सुरक्षा बलों ने खदेड़ा
सैन्य अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान ही आसपास से बड़ी संख्या में पत्थरबाज वहां एकत्र हो गए परंतु जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने इन्हें खदेड़ दिया।
बगानों को कोई नुकसान नहीं
उन्होंने कहा कि मुठभेड़ के दौरान सेब के फसल व पेड़ों को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। इसका विषेष ध्यान रखा गया था।