कश्मीर घाटी में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आतंकवादी मैग्नेटिक आईईडी से सुरक्षाबलों को निशाना बना सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियों को इस संबंधी इनपुट मिला है। इसे हाल ही में 26 जुलाई को एक उच्च स्तरीय बैठक में सांझा किया गया। दरअसल सुरक्षा एजेंसियों को बडगाम जिले में लश्कर-ए-ताईबा और जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी संगठन के आतंकवादियों की मूवमेंट और उनके पास मैग्नेटिक आईईडी होने के इनपुट मिले हैं।
इसके चलते सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट रहने के साथ साथ सुरक्षा प्रतिष्ठानों के आसपास सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के कुछ हिस्सों में आतंकी संगठन लश्कर के स्थानीय आतंकवादी लतीफ अहमद राथर और जैश-ए-मोहम्मद के स्थानीय आतंकी आसिफ अहमद रेशी उर्फ हुबैब की आवाजाही देखी गई है।
उन्होंने बताया कि खुफिया एजेंसियों को मिला इनपुट आगे खुलासा करता है कि लतीफ के पास मैग्नेटिक आईईडी है और दोनों चल रही अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षाबलों पर हमला करने की कोशिश कर सकते हैं। इसके अलावा आतंकी हमलों की योजना को कश्मीर घाटी में 75वे स्वतंत्रता दिवस के आगामी समारोहों के संदर्भ में भी देखा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा हाल ही में कुछ दिन पहले 4 विदेशी आतंकवादियों की मूवमेंट श्रीनगर के पुलिस थाना क्षेत्र सफाकदल के अंतर्गत आने वाले पालपोरा इलाके में देखने को मिली थी। सूत्रों के मुताबिक इन आतंकवादियों ने इलाके में एक खाली पड़ी इमारत में रात भी बिताई।
बता दें कि इन सभी इनपुट को ध्यान में रखते हुए इन इलाकों में जहां आतंकवादियों की मूवमेंट देखी गई सुरक्षाबलों को अमरनाथ यात्रा को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहने के आदेश दे दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार यह इनपुट सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ सांझा किया गया है।
इसके अलावा सभी सुरक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ आसपास के इलाकों को सैनिटाइज करने को भी कहा गया है। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पहले ही इस बात को कबूला गया है कि मैग्नेटिक आईईडी उनके लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है।
एंटी टैंक माइंस को किया निष्क्रिय
साम्बा में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक जिंदा एंटी टैंक माइंस को सुरक्षाबलों की टीम ने निष्क्रिय कर दिया। बताया जा रहा है कि पुलिस और सुरक्षाबलों ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर एंटी टैंक माइंस को कब्जे में ले लिया। जिसके बाद इसकी सूचना बम निरोधक दस्ते को दी गई, मौके पर पहुंचकर बम निरोधक दस्ते ने एंटी टैंक माइंस को डिफ्यूज कर दिया।