शुक्रवार को कठुआ में हुए फिदायीन हमले को अभी 24 घंटे भी पूरे नहीं हुए थे कि एक बार फिर से पाकिस्तानी आतंकियों ने सेना के कैंप पर हमला किया है। शनिवार तड़के सांबा में आर्मी पब्लिक स्कूल के पास आतंकियों ने फिर से हमला किया।
इस हमले के बाद के सेना ने जम्मू-पठानकोट हाइवे को एक बार फिर से बंद कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक आज सुबह 5:50 के करीब आर्मी कैंप पर ग्रनेड से हमला किया। इस हमले में दो सेना के जवानों के घायल होने की खबर है।
देखें- साबां में आर्मी कैंप पर हुए फिदायीन हमले की पहली तस्वीरें
आर्मी कैंप पर हमला दो फिदायीन हमलावरों ने किया है। सेना और आतंकियों के बीच फिलहाल मुठभेड़ जारी है। सेना ने दोनों आतंकियों को कैंप के बाहर घेर कर ढेर कर दिया।
सूत्रों का कहना है कि जम्मू-पठानकोट हाईवे पर स्थित 81 आर्मर्ड रेजिमेंट की छावनी में आतंकी घुस नहीं पाए हैं और बाहर से ही फायरिंग कर रहे हैं।
PIX: सेना ने ऐसे ढेर किए फिदायीन हमलावर
एक आतंकी मारा गया
सूत्रों के मुताबिक बताया गया है कि हमला करने वाले दो आतंकी थे जिनमें से एक को मार गिराया गया है। दूसरे के लिए सेना ने तलाशी अभियान चलाया हुआ है। रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष मेहता के अनुसार अभी यह बता पाना मुश्किल है कि आज हमला करने वाले लोग उसी समूह से हैं या नहीं, जिसने कल कठुआ में एक थाने पर हमला किया था।
उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने संवाददाताओं से कहा, 'पहली गोली की आवाज सुबह करीब 5:30 बजे सुनी गयी। गोलीबारी के दौरान एक व्यक्ति घायल हो गया। कल के हमले के बाद राज्य में पूरी सतर्कता बरती जा रही है, इसलिए आतंकवादी सांबा पर बड़ा हमला नहीं कर सके।' उन्होंने कहा, 'सुरक्षा बलों को चौकन्ना कर दिया गया है और वे इस तरह के हमलों को रोक लेंगे।'
जम्मू कश्मीर में लगातार दो आतंकी हमलों को लेकर विपक्षी नेताओं ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर इस बात पर आपत्ती जाताई है कि 'एक ही साथ 24 घंटो में दो आतंकी हमले होना असामान्य है। उन्होंने कहा कि लगता है आतंकवादियों का फोकस बदल गया है।'
कश्मीर से किसी भी कीमत पर नहीं हटेगा अफस्पा
सांबा में हुए आतंकी हमले का ब्यौरा लेने भाजपा के कई बड़े नेता सासंद जुगल किशोर, मुफ्ती सरकार में मंत्री लाल सिंह और नौशेरा के विधायक रविंद्र रैणा घटना स्थल पर पहुंचे।
अपने विवादास्पद बयानों के लिए जाने जानेवाले नेता रविंद्र रैणा ने एक फिर से विवादित बयान देते हुए कहा है कि जिस तरह से जम्मू में लगातार आतंकी हमले हो रहे हैं उसके बाद अब जम्मू कश्मीर से अफस्पा नहीं हटने दिया जाएगा। हम सेना को जम्मू कश्मीर में और अधिक ताकतवर बनाएंगे।
रैणा ने कहा कि जम्मू में जो बार-बार अटैक हो रहे है यह पीओके में बने कैंपे से भेजा जा रहे आतंकी कर रहे है। इन्हें जल्दी से जल्दी धवस्त किया जाए। केंद्र सरकार को यूनिफाइड कमांड की मीटिंग बुलानी चहिए। जिसमें जम्मू कश्मीर में बार-बार हो रहे आतंकी हमलों के लिए नई रणनीति बनाई जानी चाहिए।
डेढ़ साल में चौथी बार हुआ फिदायीन हमला
26 सितंबर 2013-
तड़के साढ़े पांच बजे हीरानगर के जांडी इलाके में ऑटो हाइजैक कर तीन फिदायीन आतंकियों ने 6 बजकर 45 मिनट पर हीरानगर पुलिस थाने पर हमला बोल दिया। हीरानगर के बाद आतंकियों ने सांबा स्थित सैन्य शिविर पर हमला बोल दिया। इसमें एक सैन्य अफसर सहित पुलिस और सेना के आठ जवान व दो नागरिक मारे गए।
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28 मार्च 2014-
हीरानगर के तरनाह नाला पुल के नजदीक हाईवे पर बोलेरो वाहन को सुबह 4:45 बजे दो फिदायीन आतंकियों ने हाईजैक किया। खूनी खेल को अंजाम देने के बाद आतंकियों ने जंगलोट सैन्य शिविर को निशाना बनाने का प्रयास किया। सेना ने शाम छह बजे ऑपरेशन पूरा कर दिया। इस हमले में एक जवान और दो नागरिक मारे गए।
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20 मार्च 2015
बीस मार्च 2015 के दिन फिदायीन हमला पुराने क्रम को दोहराने जैसा ही प्रतीत हुआ। सीमावर्ती इलाके से वाहन को हाइजैक करना हो या फिर हाईवे से होकर पुलिस थाने पर हमले को अंजाम देने का तरीका। पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान तीसरा फिदायीन हमला एक ही तरह की वारदात को आसानी से दोहराने का दुस्साहसिक क्रम है जिसे समय रहते रोकने में सुरक्षा तंत्र एक बार फिर नाकाम रहा।