शहर की कड़ी सुरक्षा वाले इलाके में कृष्णा ढाबे के मालिक के बेटे को जहां गोली मारी गई वह जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के आवास से सिर्फ 200 मीटर दूर है। यहां से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर सेना की 15वीं कोर का मुख्यालय भी है और कुछ ही दूरी पर गुपकार रोड है जहां पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती का आवास है।
इससे पहले इसी वर्ष 2 जनवरी को आतंकियों ने एक गैर स्थानीय स्वर्णकार सतपाल सिंह की भी आतंकियों ने हत्या कर दी थी। वह पिछले चार दशक से यहां रह रहे थे। उस समय भी यह बात सामने आई थी कि हमले के पीछे डोमिसाइल सर्टिफिकेट एक कारण है।
राजनयिकों के पहले दौरे के समय हुई थी पांच मजदूरों की हत्या
अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद अक्टूबर 2019 में यूरोपीय राजनयिकों के पहले दल ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया था। इस दौरे के दौरान आतंकियों ने शोपियां जिले में पश्चिम बंगाल के पांच मजदूरों की हत्या कर दी थी।