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जम्मू-कश्मीर : अवैध काबिज पूर्व मंत्रियों, विधायकों से जल्द खाली कराएं सरकारी आवास

Fri, 19 Feb 2021 12:53 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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सरकारी आवासों में अवैध तरीके से काबिज पूर्व मंत्रियों, रिटायर नौकरशाहों, राजनेताओं, विधायकों से आवास जल्द खाली कराए जाएं, इसके लिए जो भी संभव उपाय हों उन्हें किया जाना चाहिए। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने वीरवार को इस मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए श्रीनगर विंग के जस्टिस अली मोहम्मद मागरे और विनोद चटर्जी कौल की खंडपीठ ने उक्त आदेश दिया। कोर्ट ने मुख्य सचिव से कहा कि इन लोगों से किराया और एरियर भी वसूल करें।

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इस पर खंडपीठ ने कहा कि सरकारी आवास से अनधिकृत / अवैध रूप से रहने वालों को बेदखल करने और उसके बाद किराए की वसूली के मामले में समय-समय पर इस न्यायालय द्वारा पारित किए गए निर्देश, संबंधित अधिकारियों द्वारा सख्ती से लागू किए जाएंगे। कोर्ट ने कहा कि यह बहुत ही दुभाग्यपूर्ण है कि बहुत से मंत्रियों, विधायकों, नौकरशाहों और राजनेताओं ने अवैध रूप से सरकारी आवासों पर कब्जा किया हुआ है। जबकि इन लोगों को सरकारी आवासों में रहने का कोई अधिकार नहीं है।

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अनधिकृत रहने वालों को यह महसूस करना चाहिए कि अधिकार और कर्तव्य एक-दूसरे के प्रति सह संबद्ध होते हैं, क्योंकि एक व्यक्ति के अधिकार किसी अन्य व्यक्ति के कर्तव्यों को पूरा करते हैं, जबकि एक व्यक्ति के कर्तव्यों को दूसरे व्यक्ति के अधिकारों को प्राप्त करते हैं। इस संदर्भ में, अनधिकृत रहने वालों को इस बात की सराहना करनी चाहिए कि आधार में ओवरस्टेयिंग के उनके कार्य सीधे दूसरे के अधिकार का उल्लंघन करते हैं। कोई भी कानून या निर्देश पूरी तरह से अवज्ञा के इस कार्य को नियंत्रित नहीं कर सकता है, लेकिन अनधिकृत रहने वालों के बीच आत्म-साक्षात्कार के लिए।

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