पिछले सात महीने से हो रही बेमौसम बारिश आतंकियों के लिए वरदान बन रही है। विशेष रूप से इंटरनेशनल बार्डर पर आतंकियों के लिए यह मददगार बनी है। बारिश की वजह से बार्डर के ढांचे को नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर बांध क्षतिग्रस्त हुए, फेंसिंग बह गई।
निगरानी में लिए गए नालों से ध्यान भी हट गया। यही कारण है कि आतंकियों के लिए बाढ़ प्रभावित इंटरनेशनल बार्डर साफ्ट टारगेट बन गया है और इसी से घुसपैठ कर आतंकी हमले की साजिश रची जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों के पास आए इनपुट इस ओर इशारा कर रहे हैं।
पहली अप्रैल से मौसम फिर बिगड़ने वाला है। इसकी फिराक में आतंकी सांबा, कठुआ और आरएस पुरा के अलावा अखनूर सेक्टर में घुसपैठ की तैयारी में बैठे हैं। खुफिया एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि उक्त इंटरनेशनल बार्डर पर पिछले साल सितंबर में आई बाढ़ के कारण नुकसान पहुंचा था।
इसमें से काफी सारा ढांचा अभी दुरुस्त नहीं किया गया। बाढ़ से कुछ स्थानों पर फेंसिंग बह गई, कुछ बंकर ढह गए, बाढ़ की वजह से कुछ जगहों पर खुले रास्ते बन गए हैं। यह सब आतंकियों के टारगेट पर है।
ये नेता हैं आतंकी निशाने पर
खुफिया एजेंसियों के मुताबिक आईएसआई इस नापाक साजिश में आतंकी संगठनों की मदद कर रहा है। आतंकियों के निशाने पर इस बार आर्मी कैंप और जम्मू कश्मीर के नेता हैं।
एक टीवी रिपोर्ट के मुताबिक हिजबुल मुजाहिद्दीन नेताओं को अपना निशाना बना सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक कुलगाम के मोहम्मद अफजल पारे, वाची विधानसभा से सीपीएम के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले जहूर अहमद और तारीगाम से मोहम्मद अब्बास पर खतरा ज्यादा है।
बांदीपोरा और कुपवाड़ा के कुछ सेक्टर में सरहद के करीब लश्कर ए तैयबा और हिजबुल के आतंकियों को देखा गया है और अगले एक हफ्ते में घुसपैठ की कोशिश हो सकती है। उधर पुंछ सेक्टर में आतंकियों की हरकत और बढ़ गई है। जैश-ए-मुहम्मद के पांच आतंकी गुल हदिक और मुहम्मद शौकत की अगुवाई में शहबाज पोस्ट के पास डेरा डालें है।
इस बार आतंकी पुंछ जेल को निशाना बना सकते हैं। दरअसल पुंछ जेल में लश्कर समेत कई आतंकी संगठनों के खुंखार आतंकी बंद हैं। सूत्रों के मुताबिक पूरी साजिश के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई है और साजिश के तहत अलग इलाके अलग संगठन संभाल रहे हैं।
सांबा सेक्टर में सुरंग बनने की भी आशंका
आतंकी संगठनों ने ओवर ग्राउंड वर्करों की मदद से इन जगहों की सूची तैयार की है। इसकी बाकायदा रैकी की गई है। यहीं से घुसपैठ करने का प्लान तैयार किया गया है। पिछले दिनों कठुआ और सांबा में हमला भी इसी साजिश का एक हिस्सा था। अभी दो हफ्ते पहले हुई बारिश में ही आतंकियों ने घुसपैठ कर ली थी।
हीरानगर सेक्टर से घुसपैठ कर सैन्य कैंप पर हमला किया था। उन क्षेत्रों को सबसे अधिक टारगेट किया गया है, जहां पर बीएसएफ की मूवमेंट न के बराबर है। आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में घुसपैठ हो सकती है। सुरक्षा एजेंसियों के हाथ आतंकियों के सांबा सेक्टर में सुरंग बनाने की जानकारी भी पहुंची है।
पहले भी इस क्षेत्र में कई बार सुरंगें बनने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लगातार बारिश होने के बाद जमीन में आई नमी को मुख्य हथियार बनाकर सुरंगें बनाई जा रही हैं, ताकि आसानी से घुसपैठ की जा सके।