औरंगजेब चर्चित मेजर शुक्ला की टीम में भी शामिल थे। मेजर शुक्ला की टीम में जवान की पहचान तेज तर्रार जवानों में से एक थी। वहीं सूत्रों के अनुसार हाल ही हिजबुल कमांडर समीर टाइगर के मार गिराने के ऑपरेशन में भी जवान मेजर शुक्ला के साथ ही शामिल था।
छु्ट्टी पर आने वाले जवान पहले भी बने निशाना
इसके पहले भी आतंकियों ने अपनी कायरता का परिचय देते हुए छुट्टी पर आने वाले जवानों को निशाना बनाया है। साल 2017 में शोपियां के रहने वाले टेरिटोरियल आर्मी के जवान इरफान अहमद की आतंकियों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी।
आतंकियों ने रात को उनके घर से ही उनका अपहरण किया था। जिसके बाद सुबह उनका शव पुलवामा से बरामद हुआ था। इस घटना की सीएम ने भी कड़ी निंदा की थी। वहीं कश्मीर में इससे पहले मई 2017 में भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट उमर फयाज की भी आंतकियों ने किडनैप करने के बाद हत्या कर दी थी।
22 वर्षीय उमर शोपियां में अपने कजन की शादी समारोह में भाग लेने आए थे। उमर फयाज के लिए उनकी पहली छुट्टी ही जिंदगी की आखिरी छुट्टी बन गई थी। फयाज ने नवोदय विद्यालय में अपनी शिक्षा हासिल की थी। वह 129वैं बैच के कडेट थे। फयाज 2 राजपूताना रायफल्स में तैनात थे