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जम्मू-कश्मीर: ईद की छुट्टी में घर जा रहे जवान की आतंकियों ने की हत्या, शव के साथ की बर्बरता

Thu, 14 Jun 2018 10:25 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकियों ने अपनी कायरता का एक और परिचय देते हुए ईद की छुट्टी में घर जा रहे भारतीय सेना के एक जवान का अपहरण कर हत्या कर दी। आज सुबह ही जवाव को अगवा किया था। पुलिस के मुताबिक, आतंकियों ने बड़ी बर्रबरता करते  हुए पहले गोलियां मारी और फिर पत्थरों से सिर कुचल दिया। शव को पुलवामा के गुसू से बरामद किया गया है।

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बता दें कि जवान के अगवा होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने पूरे इलाके को घेर कर जवान की तलाश शुरू कर दी थी। इसके साथ  ही पुलवामा में अलर्ट घोषित कर दिया गया। 

जानकारी के अनुसार जम्मू संभाग के पुंछ जिले का रहने वाले औरंगजेब भारतीय सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल के साथ शादीमर्ग में तैनात था। ईद की छुट्टी लेकर वह गुरुवार को अपने घर जाने वाले थे। सुबह नौ के बजे वह शादीमर्ग कैंप से बाहर निकले और प्राइवेट टैक्सी से शोपियां के लिए चल पड़े। 
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इसी बीच उनकी गाड़ी जैसे ही कलमपोरा पहुंची 4-5 आतंकी उनके वाहन के सामने आ गए और बंदूक के दम पर उन्हें अपने साथ ले गए। सेना के अधिकारियों ने मालमे को गंभीरता के साथ लेते हुए छानबीन शुरू कर दी है।
हिजबुल आतंकियों पर शक 

सूत्रों की मानें तो जवान के अपहरण के पीछे हिजबुल आतंकियों का हाथ हो सकता है। हालांकि इस बारे में अभी कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। दक्षिण कश्मीर को हिजबुल आतंकियों का ही गढ़ माना जाता है। पिछले महीने हुए कई एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने हिजुबल के बड़े कमांडरों को मार गिराया था। जिसके बाद से हिज्ब बौखलाया हुआ है। 

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मेजर शुक्ला की टीम में शामिल था जवान

- फोटो : File Photo
औरंगजेब चर्चित मेजर शुक्ला की टीम में भी शामिल थे। मेजर शुक्ला की टीम में जवान की पहचान तेज तर्रार जवानों में से एक थी। वहीं सूत्रों के अनुसार हाल ही हिजबुल कमांडर समीर टाइगर के मार गिराने के ऑपरेशन में भी जवान मेजर शुक्ला के साथ ही शामिल था। 

छु्ट्टी पर आने वाले जवान पहले भी बने निशाना 

इसके पहले भी आतंकियों ने अपनी कायरता का परिचय देते हुए छुट्टी पर आने वाले जवानों को निशाना बनाया है। साल 2017 में शोपियां के रहने वाले टेरिटोरियल आर्मी के जवान इरफान अहमद की आतंकियों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी।

आतंकियों ने रात को उनके घर से ही उनका अपहरण किया था। जिसके बाद सुबह उनका शव पुलवामा से बरामद हुआ था। इस घटना की सीएम ने भी कड़ी निंदा की थी। वहीं कश्मीर में इससे पहले मई 2017 में भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट उमर फयाज की भी आंतकियों ने किडनैप करने के बाद हत्या कर दी थी।

22 वर्षीय उमर शोपियां में अपने कजन की शादी समारोह में भाग लेने आए थे। उमर फयाज के लिए उनकी पहली छुट्टी ही जिंदगी की आखिरी छुट्टी बन गई थी। फयाज ने नवोदय विद्यालय में अपनी शिक्षा हासिल की थी। वह 129वैं बैच के कडेट थे। फयाज 2 राजपूताना रायफल्स में तैनात थे 
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