आज अगर हम अपने मन में 'कश्मीर' की कल्पना करते हैं तो घाटी की खूबसूरत वादियों के साथ न चाहते हुए भी कुछ चीजें कुछ चीजें जैसे आतंकवाद, अलगाववाद पत्थरबाजी, देश विरोधी नारे, हिंसक प्रदर्शन, आगजनी न चाहते हुए भी हमारी आंखों के सामने चलकर आ जाती हैं।
पिछले कुछ समय में घाटी में आतंकवाद अपने चरम सीमा पर पहुंच गया है। एक ओर जहां घाटी के कुछ युवा मुख्यधारा से भटक कर आतंक का दामन थाम लेते हैं वहीं दूसरी ओर कुछ युवा ऐसे भी हैं जिनके काम की चर्चा पूरी दुनिया करती है।
हर दिन किसी न किसी आतंकी गतिविधियों के कारण चर्चा में रहने वाले कश्मीर से एक अच्छी खबर सुननें को मिली है। कश्मीर प्रशासनिक सेवा में कश्मीर मे आतंकियों के डर से घर छोड़ कर भागे एक परिवार के बेटे अंजुम बाशिर खान ने टॉप किया है।
बाशिर सुरनकोट के निवासी हैं। वो जब मात्र 9 साल के थे तभी आतंकियों ने उनके पूरे घर को आग के हवाले कर दिया था। किसी तरह जान बचाकर भागे अंजुम के परिवार ने जम्मू में बस शरण ली थी।
अंजुम के मुताबिक उन्होंने इसके लिए कोई खास तैयारी भी नहीं किया था। 27 साल के अंजुम पेशे से गणित के अध्यापक हैं। उन्होंने एक बार में कश्मीर प्रशासनिक सेवा में टॉप कर एक नया इतिहास रच दिया है।
आतंक में शामिल युवाओं के मुंह पर तमाचा
अंजुम की सफलता केवल अंजुम की ही सफलता नहीं है ब्लकि उन तमाम भटके हुए युवाओं के लिए प्रेरणा हैं जो आतंकग्रस्त होने के कारण अपने भविष्य को नहीं बना पाते हैं। अंजुम ने कश्मीर प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में परचम लहराकर हर उस कश्मीरी के मुंह पर करारा तमाचा जड़ा है, जो शिक्षा को दरकिनार कर, देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं।
आतंकियों के द्वारा उनका घर जलाए जाने के बाद उनका पूरा परिवार बेघर हो गया था। इसके बावजूद अंजुम ने हौसला रखा और पूरी लगन और मेहनत के साथ पढ़ाई किया। अंजुम ने कंप्यूटर साइंस में बी-टेक किया हुआ है।
राज्यपाल ने अंजुम को किया सम्मानित किया
राज्यपाल एनएन वोहरा ने वीरवार को कश्मीर प्रशासनिक सेवा (केएएस) के टॉपर अंजुम बशीर खान को सम्मानित किया। इस सप्ताह की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग (पीएससी) ने यह नतीजा घोषित किया था।
राज्यपाल ने अंजुम की उपलब्धि को सराहते हुए उनसे मेहनत और ईमानदारी केसाथ आम आदमी के कल्याण के कार्य को कहा। उन्होंने अंजुम के माता-पिता को भी बधाई दी।केएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने भी सुरनकोट पुंछ निवासी अंजुम बशीर का सम्मान किया।
एसोसिएशन के पब्लिसिटी चीफ वसीम रजा ने कहा कि अंजुम की कामयाबी युवाओं को इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगी।पीडब्ल्यूडी मंत्री नईम अख्तर ने भी जगती शरणार्थी कैंप जाकर केएएस के लिए क्वालिफाई करने वाली नेहा पंडिता कश्यप का सम्मान किया।
नेहा ने अपनी कामयाबी का श्रेय अपने परिवार को दिया। मंत्री ने कहा कि आगे बढ़ने केलिए परिवार का सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने नेहा को सपने पूरे करने के लिए जी-तोड़ मेहनत की सलाह दी। उन्होंने प्रशासन में कश्मीरी पंडित समुदाय की भूमिका की सराहना की।