प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए15वी कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू ने कहा कि हम हर कामयाब ऑपरेशन के साथ शांति की राह पर बढ़ रहे हैं। अगले कुछ महीनों में हम कश्मीर में पूरी तरह से सामान्य स्थिति सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे ताकि कश्मीर में लोग शांति से रह सकें। पिछले करीब 24 घंटे में शोपियां और पुलवामा जिले में मुठभेड़ों के दौरान कुल 8 आतंकियों को मार गिराया गया है। उन्होंने कहा कि एक ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने एक स्थानीय मस्जिद में पनाह ले ली थी लेकिन इस दौरान सुरक्षाबलों ने पूरे संयम से काम लिया और पूरी कोशिश की कि धार्मिक स्थल को कोई नुकसान न पहुंचे।
-जो हथियार उठाएगा, मारा जाएगा
उन्होंने कहा कि इस वर्ष अब तक करीब 49 स्थानीय युवा आतंकवाद में शामिल हुए थे जिसमें से 27 को मार गिराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि नौजवानों को मारने से हमें कोई खुशी नहीं मिलती लेकिन अगर कोई हथियार उठाएगा तो हमें वो करना पड़ेगा जो हम कर रहे हैं। वैसे हमारी कोशिश सरेंडर करवाने की होती है। हम स्थानीय लोगों से अपील करते हैं कि वह कश्मीर के युवाओं को गलत रास्ते पर जाने से रोकने और जो हथियार उठा चुके हैं उन्हे वापस लाने में हमारी मदद करें। हम उनका उचित पुनर्वास सुनिश्चित करेंगे।
सीजफायर का लद्दाख की घटना से संबंध नहीं
कश्मीर घाटी में उत्तरी कश्मीर से सटी एलओसी पर आए दिन हो रही सीजफायर की घटनाओं को लेकर जीओसी ने कहा कि हाल ही में हो रही इन घटनाओं में कहीं बड़े स्तर पर तो कहीं कम स्तर पर सीजफायर की घटनाएं देखी जा रही हैं, लेकिन इसका लद्दाख की घटना से अभी तक कोई कनेक्शन नहीं दिख रहा है। इसके बावजूद भी सेना के जवान घाटी की एलओसी और आंतरिक इलाकों में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सतर्क हैं।
इस वर्ष अब तक 100 से अधिक आतंकी मारे गए
प्रेस कांफ्रेस में मौजूद जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि इस वर्ष 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया है, इसमें हिज्ब के 50, लश्कर के 20 और जैश के 20 थे, बाकी मारे गए आतंकी अंसार गजवातुल हिन्द और अल बदर जैसे अन्य आतंकी संगठनों से संबंधित थे। स्थानीय आतंकियों को मारने में न सुरक्षाबलों को और न उनके परिवार वालों को खुशी मिलती है लेकिन हाथ में बंदूक उठाने वाला हर एक के लिए खतरा है। हमें इसके खिलाफ आगे भी कार्रवाई करते रहेंगे। डीजीपी ने कहा कि उन्हें भी आतंकी संगठनों में स्थानीय भर्ती में गिरावट देख कर काफी खुशी हुई है। ऐसा अभिभावकों, पुलिस, सेना और समाज के अन्य लोगों के आपसी प्रयास की बदौलत है।
डोडा आतंक से मुक्ति के करीब
डीजीपी ने बताया कि जम्मू संभाग में करीब 6 आतंकी मारे जा चुके हैं। डीजीपी ने बताया कि डोडा जिला अब करीबन आतंक मुक्त है वहां केवल एक आतंकी सक्रिय है, जबकि किश्तवाड़ में भी यही हाल है और वहां केवल तीन आतंकी सक्रिय हैं।