दोनों रिश्तेदार संस्कार स्थल तक अपने निजी वाहन से गए थे। बताया कि उन्होंने शक्ति नगर श्मशान घाट पर संस्कार करवाने का आग्रह किया था लेकिन प्रशासन नहीं माना। रिश्तेदारों का आरोप है कि वे जीएमसी से एंबुलेंस में शुक्रवार सुबह 11 बजे शव लेकर वह सिदड़ा स्थित नदी किनारे पहुंचे लेकिन ठीक से गाइड न करने के कारण रास्ता भटक गए और संस्कार स्थल से करीब आधा किलोमीटर आगे चले गए। इसके बाद फोन पर उन्हें वापस बुलाया गया लेकिन वापस आने पर रेतीला मार्ग होने के कारण एंबुलेंस फंस गई।
इसके चलते वे संस्कार स्थल पर डेढ़ बजे पहुंच सके। भीषण गर्मी के कारण एंबुलेंस में मौजूद तीनों लोगों की हालत खराब हो गई थी और वे बेहोश होने लगे। जब तीनों के पास जाकर देखा तो दो की हालत काफी गंभीर हो गई थी।
किसी तरह मृतक के बेटे को गाड़ी में डालकर जीएमसी तक पहुंचाया, जहां उसे इलाज मिलने पर उसकी जान बच गई। उनके अनुसार उक्त दोनों लोगों की मौके पर ही शायद मौत हो चुकी थी। जीएमसी में दोनों शवों को शवगृह में रखा गया है।
जम्मू की जिला मजिस्ट्रेट सुषमा चौहान ने सिदड़ा में कोविड संक्रमित मरीज के संस्कार में गए दो लोगों की मौत के मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (लॉ एंड ऑर्डर) को घटना की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।
उन्होंने बताया कि विशेष डॉक्टरों के बोर्ड से दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। दोनों शवों का कोविड टेस्ट भी किया जाएगा। एडीएम जम्मू की ओर से 22 जून को जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी। रिपोर्ट में विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय ली जाएगी।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि उन्हें जो प्रारंभिक रिपोर्ट मिली है उनमें दो तीमारदार एंबुलेंस से शव उतारने के साथ ही बेसुध हो गए थे। मौत के असली कारणों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चल सकेगा।