पुंछ और राजोरी में आतंकी गतिविधियां बढ़ाने की साजिश रच रही आईएसआई
राजोरी। राजोरी-पुंछ में बेल्ट में आतंकी गतिविधियां बढ़ाने की साजिश पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई रच रही है। सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार राजोरी में वीरवार को हुई मुठभेड़ इसी साजिश का हिस्सा है। खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इसके लिए आईएसआई भर्ती के जरिये अपना नेटवर्क बढ़ाने में लगी है।
राजोरी जिले के सुंदरबनी सेक्टर में वीरवार शाम को पाकिस्तानी सेना की तरफ से की गई गोलाबारी को भी इससे जोड़कर देखा जा रहा है। इसके बाद वीरवार रात को राजोरी के कालाकोट में सुरक्षाबलों की आतंकियों से मुठभेड़ हो गई। इससे साफ पता चलता है कि पाकिस्तानी सेना की तरफ से गोलाबारी का मकसद सुरक्षाबलों को उलझाए रखना और घुसपैठियों के आगे बढ़ने के लिए रास्ता साफ करना है।
पुराने रूट के सहारे आतंकवाद को जिंदा करने का षड्यंत्र
जम्मू। कालाकोट में वीरवार को हुई मुठभेड़ से साफ हो गया कि आतंकी संगठन राजोरी और पुंछ जिले में भी माहौल खराब करने की साजिश रच रहे हैं। कालाकोट कभी आतंक का गढ़ रहा है। करीब 10 साल बाद यहां मुठभेड़ हुई, जिसमें सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया। सूत्रों की मानें तो डोडा, किश्तवाड़ और रामबन की तरह ही आतंकी संगठन कालाकोट, नौशेरा, सुंदरबनी और रियासी में पुराने रूट के सहारे आतंकवाद को दोबारा जिंदा करने की फिराक में हैं।
आतंकी सुंदरबनी और नौशेरा से घुसपैठ करके कालाकोट के रास्ते रियासी और बुद्धल की तरफ निकल जाते थे। यहां से कुछ आतंकी रियासी से होकर जम्मू संभाग और कुछ आतंकी बुद्धल से होकर कश्मीर संभाग जाते थे। आतंकी फिर से ऐसा ही करने लगे हैं। सूत्रों की मानें तो कालाकोट में मारा गया आतंकी उसी ग्रुप का हिस्सा है, जिसने 25 मई को नौशेरा सेक्टर से घुसपैठ की है। सेना ने इनमें से तीन आतंकियों को घुसपैठ करते ही मार गिराया था। इसके कब्जे से भारी मात्रा में गोला बारूद और 60 से अधिक वस्तुएं बरामद की गई थीं। घुसपैठ करने वाले आतंकी अपने साथ इतना सामान ला रहे हैं कि आसानी से कहीं पर भी ठिकाना बनाकर 15 से 20 दिन रह सकते हैं। इतने दिनों में वह ओजीडब्ल्यू (ओवर ग्राउंड वकर्र) के साथ जुड़कर नई रणनीति बना सकते हैं। डोडा-किश्तवाड़ में भी ऐसा ही किया जा रहा था। अब राजोरी-पुंछ में भी ऐसा ही चल रहा है। बड़े स्तर पर एलओसी से घुसपैठ कर क्षेत्र में हमले करने की फिराक में आतंकी बैठे हुए हैं।
पाकिस्तानी सेना करा रही घुसपैठ
सेना के एक अधिकारी ने बताया कि एलओसी पर लगातार पाकिस्तान की तरफ से फायरिंग की जा रही है, ताकि आतंकियों की घुसपैठ कराकर क्षेत्र में माहौल खराब किया जा सके। बता दें कि तीन जून के अंक में अमर उजाला ने पहले ही खुलासा कर दिया था कि आतंकी संगठन राजोरी और पुंछ जिले में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। 1990 की तरह ही दहशतगर्दी फैलाने की साजिश रची जा रही है।