किश्तवाड़। सुरक्षाबलों द्वारा चार दिन के अंदर एसपीओ के हत्यारे आतंकियों को मारा जाना एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। दोनों आतंकियों आशिक हुसैन व बशीर अहमद के पास से पुलिस ने एक एके 47 व एक इंसास राइफल भी बरामद की है। दोनों दच्छन के गांव टंडर के ही रहने वाले थे।
आशिक हुसैन चौबीस दिन पहले ही एक मामले में जमानत पर जेल से बाहर आया था। जबकि बशीर आत्मसमर्पण कर चुके हिज्बुल आतंकी यासिर का भाई है। शुक्रवार को दोनों आतंकियों ने 13 अप्रैल को एसपीओ पाशिद की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी थी जबकि दूसरा एसपीओ विशाल सिंह घायल हो गया था।
पिछले डेढ़ साल से दहशतगर्द चिनाब वैली में फिर से आतंकवाद को जिंदा करने में जुटे हुए हैं। लंबे अंतराल के बाद एक नवंबर 2018 से शुरू हुईं आतंकी गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रहीं। यहां बीते डेढ़ साल में करीब छह आतंकी हमले हो चुके हैं। इनमें भाजपा और आरएसएस के नेताओं समेत चार की हत्या कर दी गई। एक नवंबर 2018 की रात आतंकियों ने परिहार बंधुओं को गोली मारी थी। भाजपा प्रदेश सचिव अनिल परिहार और उनके भाई अजीत परिहार की हत्या कर आतंकी फरार हो गए थे। इस हमले के पांच महीने बाद नौ अप्रैल 2019 को किश्तवाड़ जिला अस्पताल में आतंकियों ने आरएसएस नेता चंद्रकात और उनके अंगरक्षक की गोली मार कर हत्या कर दी थी। आठ मार्च 2019 को आतंकी डीसी के अंगरक्षक की राइफल छीन कर ले गए थे। इसके बाद 13 सितंबर 2019 पीडीपी के जिला प्रधान नासिर हुसैन शेख के घर से अंगरक्षक को बंधक राइफल लूट कर ले गए थे। आतंकियों ने नासिर हुसैन के पूरे परिवार को बंधक बनाया था। 22 दिसंबर को भी आतंकियों ने सुरक्षाबलों के काफिले पर हमला किया था और इसमें दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे।