सोपोर। सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए आतंकी सज्जाद डार के जनाजे में बुधवार को लॉकडाउन के बावजूद सैकड़ों की संख्या में लोग उमड़ पड़े। इससे पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
एसएसपी सोपोर जावेद इकबाल के अनुसार, इस समय पूरे देश में कोरोना को लेकर लॉकडाउन है। लोगों के घरों से निकलने पर प्रतिबंध है। ऐसे में आतंकी के जनाजे में उमड़ी भीड़ से लोगों में संक्रमण फैल सकता है। इसके कारण पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इस जनाजे में जानगीर एरिया के आसपास के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। एसएसपी का कहना था कि आतंकी के परिवार वालों को पहले ही आगाह कर दिया गया था कि कोरोना के चलते लोगों को एकत्र नहीं होने देना है। उन्हें इसके संक्रमण के खतरे के बारे में भी बता दिया गया था। इसके बावजूद लापरवाही बरती गई।
सैन्य कर्मियों व पुलिस वालों की हत्या में भी शामिल था आतंकी सज्जाद
सोपोर। सोपोर में मारा गया जैश का स्थानीय कमांडर सैन्य कर्मियों व पुलिस के जवानों की हत्या में भी शामिल रहा है। साथ ही स्थानीय युवाओं को आतंकी संगठन में शामिल करता था।
मुठभेड़ खत्म होने के बाद मारे गए आतंकी के बारे में जानकारी देते हुए उत्तर कश्मीर के डीआईजी सुलेमान चौधरी ने बुधवार को बताया कि हमें पुख्ता सूचना मिली थी कि सोपोर के इलाके में कुछ आतंकी छिपे हुए हैं। इसके बाद 27 आरआर, सीआरपीएफ व एसओजी ने ऑपरेशन शुरू किया जिसमें सज्जाद मारा गया। उसके पास से एक एके रायफल, एक यूबीजीएल, तीन मैगजीन, कारतूस, सेना की वर्दी, कारतूस व अन्य सामान बरामद किया गया है। वह वर्ष 2018 से इलाके में सक्रिय था। वह किन-किन घटनाओं में शामिल था इसकी जांच की जा रही है।