बीते दिनों बडगाम में जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने बताया था कि आतंकियों के सफाए से सीमा पार बैठे आतंकी सरगना बौखलाए हुए हैं। इसी बौखलाहट में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की ओर से सुरक्षाबलों को निशाना बनाए जाने की साजिश रची जा रही है। घाटी में खात्मे की कगार पर पहुंच चुके आतंकी संगठन आईईडी हमले करने की फिराक में हैं।
सिंह ने कहा कि पाकिस्तान जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को घुसपैठ कराने की फिराक में है। वह इन आतंकियों को नौशेरा, राजोरी, पुंछ, कुपवाड़ा और केरन सेक्टर से घुसपैठ कराना चाहता है। लेकिन हमारे जवान सतर्क हैं। सुरक्षाबलों के बीच बेहतरीन समन्वय है।
बता दें कि आतंकियों को घुसपैठ कराने के लिए ही पाकिस्तानी सेना संघर्षविराम का उल्लंघन कर रही है। सूत्रों के अनुसार फरवरी 2020 से लेकर अब तक पाकिस्तान ने अकेले राजोरी और पुंछ जिलों में एलओसी पर 270 बार संघर्षविराम का उल्लंघन किया। 30 से अधिक बार आतंकियों को घुसपैठ कराने की कोशिश की, लेकिन हर बार सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया।
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यही नहीं पाकिस्तानी सेना अधिक दूरी तक मार करने वाली स्नाइपर राइफलों से भी जवानों पर हमले कर रही है। सैन्य चौकियों को निशाना बनाया जा रहा है। सेना के प्रवक्ता का कहना है कि पाकिस्तानी सेना आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए संघर्षविराम का उल्लंघन कर रही है। इसका पूरी ताकत के साथ सेना जवाब दे रही है।