पाकिस्तान भाड़े के आतंकियों से माहौल बिगाड़ रहा है। पुलिस महानिदेशक आरआर स्वैन ने कहा है कि मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आतंकवादी तो मारे जाएंगे, लेकिन जो लोग उनका समर्थन कर रहे हैं, उन्हें पछताना पड़ेगा।
जम्मू संभाग में चार दिन में चार आतंकी हमलों के बाद पुलिस महानिदेशक आरआर स्वैन ने कहा है कि पाकिस्तान भाड़े के आतंकियों के जरिए प्रदेश के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुरक्षाबल दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए दृढ़ संकल्प है।
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वह माता वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले तीर्थयात्रियों के आधार शिविर के आध्यात्मिक केंद्र में रियासी जिले में सुरक्षा की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की। डीजीपी ने बैठक के बाद वीरवार को संवादादाताओं के साथ बातचीत में आतंकवादियों का समर्थन करने वाले स्थानीय लोगों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे लोग अपने फैसले पर पछताएंगे।
उन्होंने कहा, इन लोगों के पास परिवार, जमीन और नौकरियां हैं, जबकि पाकिस्तानी आतंकियों के पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है। दुश्मनों के एजेंट स्थानीय लोग पैसे और नशीले पदार्थों के लिए ऐसा (विदेशी आतंकियों की मदद) कर रहे हैं। उनकी पहचान की जाएगी और उनसे सख्ती से निपटा जाएगा।
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हम उन्हें चेतावनी देना चाहते हैं कि (विदेशी) आतंकवादी मारे जाएंगे... लेकिन जो लोग उनका समर्थन कर रहे हैं, उन्हें पछताना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि विदेशी आतंकवादियों के पास कोई नहीं है, चाहे उनके बच्चे हों या नहीं। हमें नहीं पता कि वे जेलों से उठाकर किसे यहां भेज रहे हैं।
डीजीपी ने कहा कि सुरक्षा बल शांति बनाए रखने और जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद को खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्पित और वचनबद्ध हैं। उन्होंने कहा, हमारा जवाब क्या होगा? हम छोटे नुकसान के लिए तैयार हैं क्योंकि जब हम पर युद्ध थोपा जाता है और आतंकीहमें मारने या मारे जाने के लिए हमारे सामने खड़े होते हैं, तो हम अपने सभी संसाधनों का उपयोग करते हैं और हमारा प्रयास मुंहतोड़ जवाब देना होता है। चूंकि उनके पास परवाह करने वाला कोई नहीं है, इसलिए नुकसान पहुंचाने की उनकी शक्ति अधिक प्रतीत होती है।
डीजीपी ने कहा, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद का शुरुआती बिंदु सीमा पार है। विरोधी पक्ष का स्पष्ट इरादा यह है कि अगर वे कश्मीर में शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने के लिए स्थानीय लोगों को विध्वंसक गतिविधियों के लिए प्रेरित नहीं कर सकते, तो अपने लोगों (पाकिस्तानियों ) को वहां भर्ती करके उन्हें जबरन इस तरफ धकेल दें।
डीजीपी ने कहा, आतंकवाद ने 1995 में जम्मू क्षेत्र खासकर डोडा और रामबन में अपने पैर पसारे, लेकिन 2005 तक यह पूरी तरह से खत्म हो गया। अगर हम इसी तरह की चुनौती का सामना करते हैं, तो निश्चिंत रहें कि उन्हें मुंहतोड़ जवाब देने और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए उन्हें एक-एक करके मारने के लिए प्रतिबद्ध और वचनबद्ध हैं।वैष्णो देवी व अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा प्रबंध बढ़ाने के निर्देश
डीजीपी ने बैठक में मां वैष्णो देवी की यात्रा के साथ ही अमरनाथ यात्रा के सुरक्षा व्यवस्था के कड़ी प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया कि वह इन दोनों महत्वपूर्ण यात्राओं को लेकर पूरी तरह से सतर्क रहें। ताकि श्रद्धालु भय मुक्त होकर लगातार अपनी यात्रा करते रहें। इसके साथी ही मां वैष्णो देवी भवन से लेकर धर्मनगरी कटड़ा सहित आसपास के क्षेत्र में और ज्यादा सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के आदेश दिए हैं।