दक्षिणी कश्मीर में त्राल में हुए ग्रेनेड हमले के बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री नईम अख्तर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वह यह घटना जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे। जिन्होंने भी हमला किया, वे कश्मीर के शुभचिंतक नहीं हैं। डीएसपी कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए अख्तर ने कहा कि इलाके में करीब 100 करोड़ का विकास कार्य कराया जा रहा है।
इसी सिलसिले में अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचा था। तभी उनके काफिले पर हमला हो गया। उन्होंने कहा कि आज इस्लामिक नव वर्ष है और मुहर्रम का पहला दिन। ऐसे मौके पर किसने कर्बला की घटना को त्राल में दोहराने की कोशिश की। जिस किसी ने भी इस हमले को अंजाम दिया वह न तो त्राल, न ही कश्मीर और न इस्लाम का शुभचिंतक हो सकता है।
हमले में एमबीए कर रही युवती और दो नागरिक मारे गए। यह कहते समय मंत्री भावुक हो गए और नम आंखों से कहा कि क्या निकला इस हमले को अंजाम देकर। मौत और जिंदगी अल्लाह के हाथ है। वह तो बच गए लेकिन बेगुनाह का खून अपने सिर पर लिए बहुत दुखी हैं। वह इस घटना को जिंदगी भर नहीं भूल सकते। उम्मीद जताई कि जल्द घायल लोग स्वस्थ होंगे।
उन्होंने कहा कि कब तक हम लोग बेगुनाहों का खून बहाते रहेंगे। कब तक हम बाहर से ग्रेनेड लाकर अपनों को निशाना बनाएंगे। एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि राहत की बात यह रही कि सुरक्षाबलों ने सब्र से काम लिया, जिसके चलते कम नुकसान हुआ।