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JK: 8 दिन में 6बार मोबाइल टावरों पर हमले, सरकार चुप

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तमाम कोशिशों के बाद भी सोपोर में मोबाइल टावरों पर होने वाले हमले थमने का नाम नहीं ले रहे। मुख्यमंत्री ने भी इन हमलों को अस्थायी बताकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई। रविवार को एक और मोबाइल टावर को निशाना बनाया गया।
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पिछले आठ दिनों में मोबाइल सेवा से जुड़ा यह छठा आतंकी हमला है। आतंकियों की दहशत इस कदर है कि सोपोर में मोबाइल सेवाएं ठप हो गई हैं और सैकड़ों मोबाइल सेवा से जुड़ी दुकानें बंद हैं। साउथ और नार्थ कश्मीर दोनों में ही आतंकी मोबाइल सेवा को अपना निशाना बना रहे हैं। एक महीना पहले मोबाइल टावर से बरामद किए गए आतंकियों के रेडियो सेट रिपीटर से शुरू हुए आतंकियों का कोहराम मचा हुआ है।
 
आतंकी मोबाइल टावरों, मोबाइल कंपनियों के कर्मचारियों, मोबाइल टावर लगे घरों और मोबाइल कंपनियों के कार्यालयों पर ग्रेनेड फेंक कर हमले कर रहे हैं। आतंकियों ने एक हफ्ता पहले मोबाइल कंपनियों को धमकी भरे पोस्टरों के जरिए सर्विस बंद करने की धमकी दी थी। इसके बाद से लगातार हमले हो रहे हैं।
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हमले का कारण

आतंकी संगठन सोपोर और एलओसी पर अपने नेटवर्क को मजबूत करना चाहते हैं। आतंकी चाहते हैं कि मोबाइल कंपनियां उनकी शर्तों पर काम करें। इसलिए कंपनियों पर दबाव बनाया जा रहा है। आतंकी मोबाइल कंपनियों के टावरों को अपने लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं।

आतंकियों ने ऐसा किया भी। जब एक टावर पर अपना रेडियो सेट रिपीटर लगा दिया। आतंकी कंपनियों के नेटवर्क को अपने तरीके से इस्तेमाल करना चाहते हैं, इसलिए ऐसा किया जा रहा है।

दो दर्जन से अधिक आतंकी सक्रिय

पुलिस के अनुसार सोपोर में दो दर्जन से अधिक आतंकी सक्रिय हैं, जो हिजबुल से संबंध रखते हैं। यह आतंकी सोपोर, हंदबाड़ा, कुपवाड़ा और बांदीपुरा में अपना नेटवर्क चला रहे हैं, जिनके पास भारतीय और पाक मोबाइल कंपनियों की सिम है। पाक कंपनियों का सिम पहले से आतंकियों की शर्तों चलता है। अब आतंकी चाहते हैं कि भारतीय कंपनियों का सिम भी उनके मुताबिक चलें।
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क्या उठाए जा रहे कदम

कश्मीर संभाग के आईजीपी जेएम जिलानी का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे जो लोग हैं, उनकी जांच की जा रही है। जब तक इन लोगों का पता नहीं चलता। तब तक मोबाइल टावरों और मोबाइल सेवा को सुरक्षा दी जाएगी।

मोबाइल टावरों के बंद होने से मोबाइल सेवा ठप है। बताया जा रहा है कि दुकानदारों ने दुकानों के बाहर से मोबाइल कंपनियों के बोर्ड तक उतार लिए हैं। आतंकियों की दहशत इस कदर है कि मोबाइल की दुकानों पर रिचार्ज कूपन तक उपलब्ध नहीं
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