पहलगाम हमले के बाद ठिठके पर्यटक पाकिस्तान की गोलाबारी के बाद कश्मीर में थम गए थे। सीजफायर के बाद हालात सामान्य हुए तो घाटी में पर्यटक भी बढ़े हैं। पहलगाम पहुंच रहे पर्यटक बायसरन बंद होने से निराश हैं। ऐसे में पर्यटकों की संख्या गुलमर्ग में बढ़ रही है।
ठंडे मौसम और बेहद खूबसूरती के कारण कश्मीर पर्यटकों में बेहद लोकप्रिय है। देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही है। अधिकतर स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में पर्यटक कश्मीर की ओर रुख कर रहे हैं। पहलगाम हमले से पर्यटक ठिठके तो हैं, लेकिन वह अब भी कश्मीर को पसंद करते हैं। इसीलिए वह घाटी के अन्य स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं।
शनिवार को गुलमर्ग में काफी पर्यटक थे। यह पर्यटक दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब और चंडीगढ़ सहित कई राज्यों से आए थे। पुणे के राजन कुमार ने बताया कि पहले पहलगाम, श्रीनगर और गुलमर्ग का प्लान था। बायसरन बंद होने के कारण वहां नहीं गए। श्रीनगर होकर गुलमर्ग आए हैं।
गुलमर्ग के टूर ऑपरेटर्स और होटल कारोबारियों के मुताबिक, तीन दिन से होटलों में बुकिंग तेजी से बढ़ी है। उम्मीद है कि गर्मी की छुट्टियां बिताने और यहां की खूबसूरती और मौसम का लुत्फ उठाने पर्यटक जरूर आएंगे। वहीं, प्रसिद्ध गुलमर्ग गंडोला राइड के लिए टिकटों की बिक्री में भी तेजी से वृद्धि हुई है।
एक स्थानीय होटल मैनेजर ने बताया, पहलगाम की घटना के बाद पर्यटकों को घाटी में लौटते देखकर मैं बहुत खुश हूं। हम सभी आगंतुकों का स्वागत करते हैं और उनकी सुरक्षा और आराम सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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राजमार्ग पर सुरक्षा बढ़ी
सार्वजनिक सुरक्षा को और अधिक सुनिश्चित करने के लिए, नरबल-गुलमर्ग राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा उपायों को और बढ़ा दिया गया है। मार्ग की निगरानी और यात्रियों को आश्वस्त करने के लिए संयुक्त सुरक्षा एजेंसियों ने कई सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं।