पुलिस के मुताबिक, आतंकी मददगार की पहचान सुहैल फारूक लोन उर्फ साहबा पुत्र फारूक अहमद लोन निवासी लोन मोहल्ला नगींनपोरा रेशीपोरा त्राल के रूप में हुई है। सक्षम प्राधिकारी से हिरासत के आदेश मिलने के बाद उसे पीएसए के तहत बुक कर जिला जेल भद्रवाह भेजा गया। पुलिस ने बताया कि सुहैल फारूक इलाके में सक्रिय आतंकी संगठनों को रसद, पनाह, वाहन और अन्य मदद पहुंचाता था। बार-बार रोकथाम के बावजूद वह राज्य की सुरक्षा के लिए नुकसानदेह गतिविधियों में लगा रहा, जिसके चलते पीएसए के तहत एहतियातन हिरासत जरूरी हो गई।
माना टाइगर कोट भलवाल जेल में बंदवहीं, कुख्यात ड्रग तस्कर की पहचान मंजूर अहमद मीर उर्फ माना टाइगर पुत्र अब्दुल खालिक मीर निवासी कादलबल पंपोर के रूप में हुई है। सक्षम प्राधिकारी से आदेश मिलने के बाद उसे पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत बुक कर सेंट्रल जेल कोट भलवाल, जम्मू भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, मंजूर अहमद मीर आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ एनडीपीएस के कई मामले दर्ज हैं। वह पंपोर और पुलिस के अन्य इलाकों में स्थानीय युवाओं को नशा सप्लाई करता था। नशा तस्करी में लगातार लिप्त रहने से समाज को गंभीर खतरा था, इसलिए पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत उसे हिरासत में लिया गया।
आतंक और नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी
पुलिस ने कहा कि वह आतंकियों, उनके मददगारों और नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसी एहतियाती कार्रवाई आतंकी तंत्र को खत्म करने, नशे के खतरे को रोकने और युवाओं के भविष्य को बचाने के पुलिस के संकल्प को दिखाती है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से आतंकवाद या नशा तस्करी से जुड़ी कोई भी जानकारी साझा कर सहयोग जारी रखने की अपील की है।