कुख्यात जाकिर मूसा ग्रुप के आतंकियों ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के आसपास व अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले करने की साजिश रची थी। कई जगह धमाके करने थे। यह खुलासा जम्मू के गांधीनगर से मिले ग्रेनेड के मामले में अलकायदा संबंधित अंसार गजवात-उल-हिंद के आतंकी गुलाम हसन वानी ने पूछताछ के दौरान किया है। वानी की निशानदेही पर बुधवार को भी दिल्ली में दिल्ली पुलिस के छापे जारी रहे। फिलहाल, पुलिस को कोई बड़ी सफलता हासिल नहीं हुई है।
वानी ने यहां खुफिया एजेंसियों को पूछताछ में बताया कि आठ ग्रेनेड दिल्ली की बस से उतरते ही उसे किला मस्जिद के पास ले जाना था। मस्जिद के पास ही उसे अन्य व्यक्ति से मिलना था, जिसे वह जानता नहीं है। उसे इतनी सूचना है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान अलग -अलग जगहों पर धमाके कराए जाने थे। ये धमाके समारोह स्थल से दूर करने थे क्योंकि समारोह स्थल के आसपास विस्फोटक लेकर घूमना आसान नहीं था।
आतंकी से खुफिया एजेंसियां, जम्मू पुलिस, दिल्ली पुलिस विशेष सेल के दो अधिकारी सुशांत त्रिपाठी और भूपेंद्र सिंह, सेना के अधिकारी और अन्य एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। गुलाम हसन से सेफ हाउस में पूछताछ की जा रही है। उसके संपर्क में जाकिर मूसा गुट के दूसरे नंबर के कमांडर रेहान था। गुलाम हसन मोबाइल बदल-बदल कर रेहान से संदेश लेता था। उसके मोबाइल के रिकार्ड को भी खंगाला जा रहा है। हाईटेक मोबाइल का उपयोग करने के कारण मोबाइल रिकार्डिंग को देखने के लिए इसे दिल्ली भेजा गया है।
आतंकी गुलाम हसन वानी जम्मू में पिछले शुक्रवार को ही पहुंच गया था। जम्मू के गुज्जर नगर में रात के समय में एक होटल में ठहरा और रात दो बजे के करीब होटल से निकला। सूत्रों के अनुसार गुलाम हसन अवंतीपोरा से ट्रेन से बनिहाल पहुंचा। बनिहाल से वह टैंपो से जम्मू पहुंचा। होटल से निकलकर सीधे बस स्टैंड गया। बस स्टैंड में उसे अज्ञात व्यक्ति मिला। उसने कोडवर्ड सुनाया और एक बैग थमा दिया। वह वापस होटल में ग्रेनेड भरे बैग और रुपये लेकर पहुंचा। शाम तक वह होटल में ठहरा और चेकआउट करने के बाद पैदल ही निकला।