उन्होंने बताया कि कंगन ऑपरेशन को सेना, सीआरपीएफ और पुलिस ने मिलकर पूरा किया है। इस वर्ष अब तक 75 आतंकी मारे गए हैं, इनमें कमांडरों की संख्या ज्यादा है। सुरक्षाबलों ने लश्कर, जैश व अंसार गजवा-ए-तुल के शीर्ष कमांडरों को मार गिराया है।
आईईडी का खतरा हमेशा रहता है
आईईडी के बढ़ते खतरों के बारे में आईजी ने कहा कि इसका खतरा हमेशा बना रहता है। किसी एक आतंकी के मारे अथवा पकड़े जाने से हम यह नहीं कह सकते कि खतरा कम हो गया। जम्मू-कश्मीर के लोग सुरक्षाबलों को सपोर्ट करते हैं। कुछ 5-6 फीसदी लोग ही हैं, जो पत्थर मारते हैं और अवरोध पैदा करते हैं।