बस स्टैंड से बरामद की गई आईईडी कितनी शक्तिशाली थी इसका खुलासा तो जांच में ही होगा, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि विस्फोटक चाहे 3 किलो का भी हो, उससे बहुत ज्यादा नुकसान हो सकता है। पुलवामा हमले में 80 किलो आरडीएक्स, बैटरी, कील, स्टील, कई तरह के केमिकल इस्तेमाल किए गए थे। करीब 200 किलो विस्फोटक पुलवामा हमले में इस्तेमाल किया गया था। इसको तैयार करने में एक हफ्ता लगा था। मात्रा इतनी अधिक थी कि इसे कार में फिट करना पड़ा।
आईईडी मामले में दूसरा आरोपी भी 14 दिन की रिमांड पर
बस स्टैंड से बरामद आईईडी मामले में दूसरे आरोपी को भी पुलिस ने रिमांड पर लिया है। पुलवामा के शुपदानी का काजी वसीम 14 फरवरी को चंडीगढ़ में पकड़ा गया था। जिसे पुलिस ने सोमवार को एनआईए अदालत में वर्चुअल मोड के माध्यम से पेश किया। मुख्य आरोपी सोहेल को रविवार को ही रिमांड पर ले लिया गया था। सोहेल से सात किलो की आईईडी बरामद की गई थी।
जानकारी के अनुसार स्पेशल जज सुनित गुप्ता ने कहा कि आरोपी काजी वसीम के शरीर पर किसी तरह के घाव नहीं है। मेडिकल अधिकारी ने उसकी जांच रिपोर्ट भी पेश की है। आरोपी जिस मामले में पकड़ा गया है वो बेहद गंभीर है। जिसमें कुछ और तथ्यों की जांच की आवश्यकता है। लिहाजा आरोपी को 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा जा रहा है। अब 28 फरवरी को फिर से अदालत में पेश किया जाएगा।
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कुंजवानी से पकड़े गए जैश ए मोहम्ममद के संगठन लश्कर ए मुस्ताफा के कमांडर हिदायतुल्लाह के पास कई तरह के लिखित दस्तावेज और नक्शे भी मिले हैं। इनको जांच के लिए जम्मू कश्मीर एफएसएल के पास भेजा जाएगा।
दरअसल, हिदायतुल्लाह कई बार दिल्ली से होकर आ चुका है। वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के कार्यालय की रेकी भी कर चुका है। वह अपनी हर एक रेकी की जानकारी को एक नक्शे पर उतार लेता था। यह सभी नक्शे हिदायतुल्लाह से बरामद किए गए हैं। जिनकी जांच एफएसएल से कराई जाएगी। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इन दस्तावेजों को एफएसएल के पास भेजा जाएगा।