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एसओजी के पूर्व पुलिस कर्मियों को मिल रहीं आतंकी धमकियां

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राज्य पुलिस के स्पेशल ग्रुप आपरेशन (एसओजी) में काम करने वाले पूर्व पुलिस कर्मियों को आतंकियों द्वारा जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इसका खुलासा आल जम्मू कश्मीर रिटायर पुलिस कर्मी और ओआरएस पर्सनल फोरम की ओर से किया गया है।
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वीरवार को प्रेस क्लब के बाहर मांगों को लेकर प्रदर्शन करने के लिए इकट्ठा हुए पूर्व कर्मियों में से कुछ ने ‘अमर उजाला’ को इसकी जानकारी दी। धमकियां मिलने पर इन कर्मियों में रोष व्याप्त है और मांग की गई है कि इन लोगों को सुरक्षा दी जाए।

कर्मियों ने बताया कि कई पुलिस कर्मियों ने एसओजी में काम किया हुआ है। ऐसे लोगों की सूचियां तक आतंकियों के पास हैं और वह कर्मचारियों को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं।
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राजोरी और पुंछ के पुलिस कर्मी को सबसे ज्यादा धमकी

कई बार उन पर हमले करने की कोशिश भी की गई।  सरकार को चाहिए उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करें। यदि किसी भी कर्मी को कुछ हुआ तो इसकी जिम्मेदार सरकार की होगी। इन पूर्व पुलिस कर्मचारियों ने सरकार को इसके बारे सूचना भी दी है। राजोरी और पुंछ जिले के पुलिस कर्मी इसमें सबसे ज्यादा हैं।

इससे पहले कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और सरकार एवं राज्य के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस कर्मियों की मांग में हाई कोर्ट के उस आदेश का कड़ा विरोध जताया जा रहा है, जिसमें कहा गया है कि कर्मियों को कोई राहत नहीं दी जाएगी।

करीब 350 कर्मचारी सरकार की तरफ से राहत देने की मांग कर रहे हैं। 2002 में रघुनाथ मंदिर में आतंकी हमले में शहीद हुए बलविंदर सिंह की शहादत को भी सरकार ने भुला दिया। अब तक उसके परिवार को कोई सहायता नहीं दी गई।

प्रदर्शनकारियों में पूर्व प्रधान मोहम्मद मकसूद, हरी सिंह, शाम सुंदर, जसवंत सिंह, अवतार सिंह, हरबंस लाल, मोहम्मद शरीफ, होशांकत चंद, जाकिर हुसैन, शाम सुंदर, आदि शामिल थे।
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