बालटाल में घोड़े-पालकी वालों और भंडारे वालों के बीच हुई झड़प के बाद भड़की हिंसा और आगजनी की चपेट में आकर 60 से अधिक लोग जख्मी हो गए। लगभग 60-70 गैस सिलेंडरों के फटने से नौ लंगर और 100 से ज्यादा तंबू पूरी तरह राख हो गए। शुक्रवार को बालटाल मार्ग से अमरनाथ यात्रा दिन भर रुकी रही। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष राज्यपाल एमएम वोहरा ने शांति बनाए रखने की अपील की।
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर चर्चा कर हालात की जानकारी ली और भक्तों की सुरक्षा के लिए समुचित उपाय करने को कहा। राज्यपाल ने भी मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर बात की। श्राइन बोर्ड के सीईओ, मंडलायुक्त और आईजी समेत पुलिस और प्रशासन के आला अफसर मौके पर पहुंचे हुए हैं। गंभीर रूप से जख्मी 12 घायल शेरे कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडीकल साइंस के अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. फारूक ने इसकी पुष्टि की। कुछ घायलों को गांदरबल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, शेष को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। देर रात तक हालात तनावपूर्ण थे। सीआरपीएफ के करीब एक दर्जन जवान भी जख्मी हुए हैं। दर्जन भर से अधिक वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई। पिछले कुछ सालों में इतने बड़े पैमाने पर हिंसा की यह पहली वारदात है।
पथराव, कई लंगरों में लगा दी आग
लंगर समितियों का कहना है कि घोड़े-पालकी वालों ने भंडारों में घुसकर तोड़फोड़ की। दोमेल और बालटाल में लगे कई लंगरों में आग लगा दी गई। हिंसा के बाद बालटाल में सभी लंगर बंद कर दिए गए हैं। बालटाल स्थित लंगर समितियों के सदस्यों ने बताया कि वीरवार को भंडारे के एक सदस्य की घोड़े वाले के साथ कहासुनी के बाद हाथापाई हो गई। मामला ठंडा पड़ गया। लेकिन रात में ही कुछ देर बाद कुछ घोड़े वाले सरहंद भंडारे से उनके तीन सदस्यों को उठाकर ले गए और मारपीट की।
बाद में दोनों पक्षों ने तय किया कि जिला प्रशासन जो फैसला सुनाएगा वो उन्हें मंजूर है। घोड़े वालों ने शुक्रवार सुबह साढ़े छह बजे से बवाल शुरू कर दिया। उन्होंने पवित्र गुफा तक जाने से भा मना कर दिया। पथराव कर कई लंगर कार्यकर्ताओं को घायल कर दिया। लंगरों में आग लगा दी। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में आधार शिविर में मौजूद देश भर से आए बाबा अमरनाथ के भक्तों और लंगर कमेटियों के कार्यकर्ताओं में हाहाकार मच गया।
सौ से अधिक तंबू धू-धू कर राख
देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के नौ अन्य लंगरों (अलीगढ़, दिल्ली, बटाला, लुधियाना की समितियों द्वारा लगाए गए) सहित श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए लगाए गए सौ से अधिक तंबू भी धू-धू कर जल उठे। आग की चपेट में आकर लंगरों में रखे गैस सिलेंडर जबरदस्त धमाकों के साथ एक के बाद एक फटने लगे। इनसे भड़की आग की चपेट में आकर भी कई लोग झुलस गए। इससे स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई।
आधार शिविर पर मौजूद दमकल विभाग के चार फायर टेंडर आग बुझाने में नाकाम रहे। गांदरबल से अतिरिक्त फायर टेंडर मंगवाए गए। उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए आधार शिविर में अतिरिक्त फोर्स बुलानी पड़ी। प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले दागे गए।
गृहमंत्री से मिले एसएबीएलओ सदस्य
फिरोजपुर में श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन (एसएबीएलओ) के महासचिव राजन गुप्ता ने कहा कि बालटाल की घटना को लेकर उनका एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिला है। लंगर समिति के सदस्य नीरज कुमार ने बताया कि अलीगढ़, बटाला, मलोट, टोहाणा और सरहंद समेत पंद्रह भंडारों में तोड़फोड़ की गई। कुर्सियां और अन्य सामान तोड़ दिया। श्रद्धालुओं के खाने के लिए बनाकर रखे गए सामान को भी नष्ट कर दिया गया।
राजनाथ ने उमर से फोन पर की बात
बालटाल आधार शिविर पर हिंसा होने की घटना के बाद बनी स्थिति के बाद यात्रा बंद करने और देश भर से बाबा अमरनाथ के दर्शनों को पहुंचे श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने हिंसा पर चिंता जाहिर करते हुए श्रद्घालुओं की सुरक्षा के समुचित उपाय के लिए कहा।
यात्रियों के परिवार वाले परेशान रहे
अमरनाथ यात्रा के आधार शिविर बालटाल में फंसे यात्री जहां तनाव में नजर आए, वहीं उनके परिवार के सदस्य और रिश्तेदार भी उनका हालचाल जानने के लिए दिनभर परेशान नजर आए। खासकर बालटाल में लंगर लगाने वाली कमेटियों के परिवार वाले ऊहापोह की स्थिति में नजर आए, जिनके लोग पिछले तीन सप्ताह से घर बार छोड़ वहां सेवा कर रहे हैं। खासकर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुओं के परिवार वाले अपनों का हाल जाने के लिए प्रयासरत नजर आए। उनका कहना था कि बालटाल में उनके लोगों से टेलीफोन पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।