जम्मू। सरकार ने टेंडर प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब ठेकेदारों को टेंडर भरते समय सुरक्षा राशि जमा करने के लिए एफडीआर, सीडीआर या बैंक गारंटी की जरूरत नहीं होगी। वे सीधे ऑनलाइन रकम जमा करवा पाएंगे।
वित्त विभाग के मुताबिक टेंडर भरने के दौरान सुरक्षा राशि ज्यादातर एफडीआर या बैंक गारंटी के जरिये जमा होती थी। टेंडर नहीं मिलने पर रकम वापस आने में 15 से 30 दिन तक लग जाते थे। कई बार ठेकेदारों को दफ्तरों के चक्कर भी लगाने पड़ते थे। विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था से पैसे लौटाने में देरी कम होगी और पूरी प्रक्रिया ज्यादा साफ और आसान बनेगी। सड़क, भवन समेत सभी निर्माण कार्य कराने वाले विभागों में ईएमडी और टेंडर फीस निर्धारित सरकारी खाते में ऑनलाइन जमा होगी।
नई व्यवस्था में बड़ा बदलाव यह है कि अगर किसी ठेकेदार को टेंडर नहीं मिलता या टेंडर रद्द हो जाता है तो सिस्टम खुद ही जमा रकम लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर देगा। इससे फाइलों में देरी कम लगेगी और ठेकेदारों को जल्दी पैसे मिल सकेंगे। विभाग ने यह भी साफ किया है कि अगर कोई ठेकेदार बीच में टेंडर वापस लेता है, जरूरी सुरक्षा राशि जमा नहीं करता या गलत कागजात देता है तो रकम जब्त की जा सकती है। नई व्यवस्था इसी वित्त वर्ष में लागू हो गई है।