जम्मू। हाईकोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले में सेना के जवान को अग्रिम जमानत दी है। यह राहत तब मिली जब शिकायतकर्ता युवती ने बयान दिया कि वह आरोपी से प्रेम करती थी और दबाव में आकर एफआईआर दर्ज कराई थी।
महिला थाना कठुआ में दर्ज एफआईआर में युवती ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने तीन साल तक संबंध बनाए, अश्लील वीडियो दिखाए और निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालने की धमकी दी। इसके आधार पर पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज हुआ। जांच के दौरान नया मोड़ आया। युवती ने एसएसपी को दिए आवेदन में कहा कि उसकी शिकायत सही तथ्यों पर आधारित नहीं थी और रिश्तेदारों व पुलिस अधिकारियों के दबाव में एफआईआर कराई थी। बाद में अदालत में हलफनामा देकर बताया कि वह बालिग हो चुकी है और आरोपी से शादी कर चुकी है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेश सेखरी के सामने दर्ज बयान में युवती ने कहा कि तीन साल से आरोपी से प्रेम करती थी और अब साथ ही रहना चाहती है। कुछ समय तक आरोपी के फोन नहीं उठाने पर लगा था कि उसके साथ धोखा हुआ है। वह कानूनी कार्रवाई नहीं चाहती। ट्रायल कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट का रुख किया।
हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि शिकायतकर्ता आरोपी के साथ रहना चाहती है और उसे जमानत दिए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है। अदालत ने आरोपी को अग्रिम जमानत देते हुए निर्देश दिया कि गिरफ्तारी की स्थिति में उसे 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा किया जाए।