परिवहन विभाग और आरटीओ की ओर से बीसी रोड तथा बस स्टैंड को खाली बसों से मुक्त करवाने की मुहिम तो समय-समय पर शुरू की जाती रही है, लेकिन चौबीसों घंटे बीसी रोड और पेट्रोल पंप के पास खड़े होने वाले टेंपो ट्रेवलरों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ये ट्रैफिक जाम का बड़ा कारण बन रहे हैं। इन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है, जो कई सवाल खड़े कर रही है।
बीसी रोड को जाम से निजात दिलाने के लिए नरवाल, खानपुर नगरोटा और वेयर हाउस में आइडियल पार्किगिं बनाई गई। स्लीपर कोच बसों को हटाए जाने पर मामला काफी गरमाया, तब स्लीपर कोच बस आनर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विरोध किया और मामले में परिवहन मंत्री को हस्तक्षेप करना पड़ा। ताजा स्थिति में सवारियों को बस स्टैंड में उतारने और चढ़ाने के बाद खाली बसों को आइडियल पार्किगिं में खड़े करने पर फैसला हुआ है, लेकिन बीसी रोड पर 24 घंटे खड़े रहने वाले टेंपो ट्रेवलर पर स्थिति अब तक स्पष्ट नहीं हुई है।
आधी सड़क पर इनका ही कब्जा रहता है। श्रीनगर, राजोरी, पुंछ, मेंढर, किश्तवाड़, रियासी सहित कई इलाकों में जाने वाले टेंपो ट्रेवलर यहां खड़े होते हैं। बस स्टैंड के एसएचओ भारत भूषण टेंपो ट्रेवलर के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं। आल ट्रेवलर एजेंट एसोसिएशन जम्मू के पदाधिकारी भी इस मामले में चुप्पी साध गए हैं। बताया जा रहा है कि आरटीओ जम्मू ने राजोरी और पुंछ की टू बाई टू बसों के अलावा टेंपो ट्रेवलर की रिपोर्ट भी परिवहन विभाग को भेजी है। इस पर स्थिति जल्द ही साफ हो सकती है।
अवैध खड़े टेंपो ट्रेवलर को भी हटाया जाएगा। बीसी रोड पर पार्किगिं नहीं है। इसके अलावा टू बाई टू बसों में से जिन बसों को आरटीओ ने परमिट दिया है, वही बसें वहां से चलेंगी। अन्य बसों को वहां से हटाया जाएगा।
-मोहन लाल, एसएसपी ट्रैफिक