पिछले डेढ़ हफ्ते से लगातार चढ़ते पारे की अमरनाथ यात्रा ट्रैक पर भी तपिश बढ़ी है। यात्रा के आधार शिविर पहलगाम में दिन का पारा सामान्य से 8-9 डिग्री ऊपर चल रहा है। यही हाल बालटाल की तरफ का है। रात का तापमान भी सामान्य से ऊपर है। मौसम की अगर ऐसी ही बेरुखी रही तो पवित्र हिमलिंग पर इसका असर पड़ना स्वाभाविक है।
हालांकि आगामी 29 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा के लिए अभी ढाई माह बाकी हैं। लेकिन इस दौरान इंद्रदेव पर ही सारा दारोमदार निर्भर करेगा। यात्रा के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो वर्ष 2013 में यात्रा शुरू होने के बाद मात्र 17 दिनों में ही हिम शिवलिंग का आकार अप्रत्याशित रूप से घट गया था। वह समय से पहले अंतर्ध्यान हो गए थे।
उस समय शुरू में पवित्र हिमलिंग की ऊंचाई 16 फीट थी। वर्ष 2005, 2006, 2009 और 2011 में भी समय पूर्व ही पवित्र अमरनाथ गुफा में हिम शिवलिंग अंतर्ध्यान हो गए थे। अभी तक हिम शिवलिंग का आकार घटने अथवा अंतर्ध्यान होने की की वजह वैज्ञानिक तौर पर मौसम की बेरुखी रही है।