ज्यौड़ियां। जहां देश को डिजिटल इंडिया बनाने के लिए बडे़-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं क्षेत्र के कई गांवों के लोग मोबाइल सेट पर सिग्नल को देखने के लिए तरस रहे हैं। जड निवासी जसबीर सिंह ने बताया कि उनके गांव में किसी भी मोबाइल कं पनी का नेटवर्क नहीं आता है। इसके चलते मोबाइल शोपीस बन कर रह गए हैं।
उन्होंने बताया कि उनका गांव ब्लॉक भलवाल ब्राह्मण मुख्यालय से सिर्फ दो-तीन किलोमीटर की दूरी पर है। फिर भी मोबाइल सिग्नल की कमी के चलते हम न ही मोबाइल पर इंटरनेट इस्तेमाल कर सकते और न ही ढंग से बात कर सकते हैं। ज्यौड़ियां तहसील के गांव ढोक खालसा, कनडेयाल, के लोगों को भी किसी भी मोबाइल कंपनी का सिग्नल नहीं मिलता है। इसके चलते लोगों को मोबाइल इस्तेमाल करने के लिए तहसील मुख्यालय ज्यौड़ियां का रुख करना पड़ता है। गांव ढोक खालसा निवासी पवन कुमार शर्मा, नीरज कुमार शर्मा तथा विक्की आदि ने बताया कि अगर उन्हें घर में बैठ कर मोबाइल पर बात करनी हो तो नहीं कर पाते हैं। इंटरनेट का तो सिग्नल नहीं आता है। हमारे लिए फोन सेट तथा सिमकार्ड का कोई मतलब ही नहीं रहा है। इन सभी गांवों के लोगों ने मांग करते हुए कहा कि हमारे गांवों तक मोबाइल सिग्नल उपलब्ध कराया जाए। वहीं खौड़ उपजिले के गांव ढलेरी, मनासीवाला में भी मोबाइल सिग्नल कम ही मिलता है।